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विधायक विधूड़ी का बड़ा बयान : ड्रग माफिया के साथ भ्रष्टाचार के खेल में सबसे बड़ी इन्वॉल्वमेंट एसपी की है

MLA RAJENDRA SINGH VIDHUDI STATEMENT ON CHITTODGARH SP CORRUPTIONMLA RAJENDRA SINGH VIDHUDI STATEMENT ON CHITTODGARH SP CORRUPTION

बेंगू विधायक राजेन्द्र सिंह विधूड़ी का मीडिया को दिया बयान नीचे दिए यूट्यूब चैनल लिंक पर सुनिए

उदयपुर,(ARLive news)। बेगूं विधायक को 11 लाख रूपए की रिश्वत देने के मामले में दलाल सहित थानाधिकारी वीरेन्द्र सिंह हाड़ा के गिरफ्तार होने के अगले दिन विधायक राजेन्द्र सिंह विधूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेस में बड़ा खुलासा किया। विधायक विधूड़ी ने मीडिया के समक्ष कहा कि चित्तौड़गढ़ में हो रहे नशे का अवैध कारोबार माफिया के साथ जिला पुलिस, एसपी, थानाधिकारी, नारकोटिक्स अधिकारी, आबकारी अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। तस्करी हो रही ड्रग्स के हर गाड़ी की जानकारी जिले के एसपी को होती है।

यूट्यूब चैनल लिंक में सुनिए पुलिस कैसे हवाला से पैसा इधर-उधर करती है

बेंगू विधायक राजेन्द्र सिंह विधूड़ी ने कहा 11 लाख रुपये देने के मामले में गिरफ्तार इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने मुझे बताया था कि रिश्वत राशि जहां चाहेँगे हवाला के जरिए भिजवा देंगे। पुलिस ने अवैध तरीके से कमाई गयी राशि का सेटलमेंट हवाला के जरिए करने का नया तरीका निकाल लिया है।

विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी ने चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि भ्रष्टाचार के खेल में सबसे बड़ी इन्वॉल्वमेंट चित्तौड़गढ़ के एसपी की है। थानाधिकारी ने हर पट्टे का 20 हजार रुपये देना तय किया था। एसएचओ ने बताया था कि पट्टे की हर फ़ाइल एसपी की नॉलेज में होती है।

एमएलए विधूड़ी ने कहा कि मैंने एसपी को बार-बार समझाया। ये लोग सिर्फ ड्रग्स ही नहीं सट्‌टा भी चलवाते है। अवैध शराब की दुकानों से देर रात तक खुलवाने में पैसा वसूला जाता है। विधूड़ी ने कहा कि राजस्थान और एमपी में ड्रग्स के अवैध व्यापार में माफिया के साथ कुछ स्थानीय लोग, पुलिस और ऑफिसर्स का गठजोड़ बना है।

अधिकारियों की मिलीभगत से अरबों में नशे का अवैध कारोबार चल रहा है

विधायक विधूड़ी ने कहा कि चित्तौड़गढ़ में नशे के व्यापार का लाखों करोड़ों का नहीं अरबों का खेल चल रहा है। यहां जो भी अधिकारी रहे हैं, सरकार उनकी जांच करवाए। बगैर एसपी की मंजूरी के कोई थानेदार एक गाड़ी भी नहीं निकाल सकता।

विधायक ने बताया कि थानाप्रभारी वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने हर एक पट्‌टे के एवज में 20-20 हजार रूपए रिश्वत देने को कहा था। थानाप्रभारी ने उनसे बोला था कि हर फाइल एसपी की नोलेज में है। तब मैंने सीआई से पूछा कि इनमें कौन-कौन इनवॉल्व होता है। तब वो बोला कि इनमें एसपी होता है। एसडीएम, डीएसपी, नारकोटिक्स विभाग, आबकारी विभाग भी मिलकर करते है।

https://youtu.be/EqxCJPGpiro

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