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वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को संबल प्रदान करेगा : उदयपुर में सेंटर शुरू हुआ

one stop center started in udaipurone stop center started in udaipur

उदयपुर,(ARLive news)। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग व महिला अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में उदयपुर के भुवाणा स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित वन स्टॉप सेंटर (सखी) का शनिवार को शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उदयपुर आयीं महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ, सशक्त व शिक्षित राजस्थान के लिए हम सभ संकल्पबद्ध हैं और इसके लिए सबसे पहले आवश्यक है कि प्रदेश की महिलाएं स्वस्थ, सशक्त व शिक्षित हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए वन स्टॉप सेंटर (सखी) की शुरूआत की गयी है।

राज्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सहायता, सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए स्थापित यह वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को संबल प्रदान करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इस सेंटर की स्थापना के लिए सरकार द्वारा 48 लाख रुपये बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने सेंटर के सुरक्षित वातावरण एवं भूमि की आवश्यकता के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर व महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक महावीर खराडी को यूआईटी से सम्पर्क कर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही।

इस अवसर पर पूर्व विधायक सज्जन कटारा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) नरेश बुनकर, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक महावीर खराड़ी, महिला अधिकारिता के उपनिदेशक संजय जोशी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधिगण, आईसीडीएस की महिला पर्यवेक्षक, महिला अधिकारिता विभाग की प्रचेताएं एवं साथिन, वन स्टॉप सेंटर के गोपाल सिंह गहलोत, किरण पटेल, शालिनी द्विवेदी, प्रियंका व्यास, केतन दोषी, जितेन्द्र शुक्ला, प्रदीप आमेटा, विकास शर्मा, हेमंत चोरडि़या सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व सेंटर के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

महिलाओं का मददगार बनेगा वन स्टॉप सेंटर 

उपनिदेशक महावीर खराड़ी ने बताया कि यह सेंटर विभिन्न प्रकार की हिंसाओं से पीडि़त महिलाओं को सुरक्षित वातावरण के साथ सलाह, समझाईश व मार्गदर्शन प्रदान कराते हुए मददगार की भूमिका निभाएगा। इसी प्रकार यहां महिलाओं को सम्मान देने के साथ सहायता, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए कार्य किए जाएंगे। केन्द्र पर दोनों पक्षों में बातचीत की मध्यस्थता, कानूनी सहायता, आश्रय गृह में रहने हेतु सहायता, पुलिस व न्यायिक कार्यवाही में सहयोग, महिलाओं को सामाजिक व कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने संबंधी आदि कार्य किए जाएंगे।

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