Site iconSite icon AR Live News

चर्चित खबर: उदयपुर के थानेदार को प्री-वेडिंग शूट करवाना पड़ा भारी : कहानी का विलेन चित्तौड़गढ़ थानेदार

उदयपुर,(ARLive news)। पुलिस विभाग में इन दिनों उदयपुर के कोटड़ा थानेदार का प्री-वेडिंग शूट काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा इतनी हुई कि कुछ को ये अच्छा तो कुछ को इतना बुरा लगा कि वीडियो आईजी कानून व्यवस्था जयपुर तक भी पहुंच गया और उन्होंने 20 अगस्त को ऐसा आदेश जारी कर दिया कि मानो वे किसी फिल्मी प्रेम कहानी में विलेन की भूमिका अदा कर रहे हों…!

इस प्री-वेडिंग शूट की प्रेम कहानी में कोटड़ा थानेदार (पुलिस सब इंस्पेक्टर) धनपत सिंह की शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाने वाला भी एक थानेदार (पुलिस सब इंस्पेक्टर) ही है, जिसे अब सभी पुलिसवाले खूब खरी-खोटी सुना रहे हैं, मानो जैसे फिल्मी प्रेम कहानी में ट्विस्ट आने पर विलेन को जनता कोसती है। 

खास बात है पहले तो वीडियो पुलिस कर्मियों के बीच ही चर्चा का विषय बना था, लेकिन जब 20 अगस्त को आईजी लॉ एंड आर्डर ने आदेश जारी किया तो ये आमजनता के बीच क्युरिसिटी का विषय बन गया है।

प्री-वेडिंग शूट की इस प्रेम कहानी में ज्यादा सस्पेंस लाने से पहले आप उस प्री वेडिंग शूट के वीडियो को देख लीजिए, फिर हम बताते हैं कि थानेदार के किस सीन पर बवाल मचा हुआ है..!  

500 रूपए का नोट बना आफत की जड़..

हुआ यूं कि कोटड़ा थानेदार धनपत सिंह ने करीब दो-ढाई महीने पहले अपनी होने वाली पत्नी के साथ प्री वेडिंग शूट करवाया था। इसमें जो स्क्रिप्ट ली, उसमें इनकी पहली मुलाकात ट्रेफिक पुलिस चेकिंग के दौरान हुई थी, जब थानेदार कांस्टेबल के साथ खड़े होकर ट्रेफिक नियमों को लेकर वाहन चालकों को रोकते हैं। तभी एक लड़की बिना हेलमेट लगाए स्कूटी चलाकर आ रही होती है, उसे कांस्टेबल रोकता है और चालान भरने के लिए पास में खड़े थानेदार से बात करने को कहता है।

बस यहीं से इनकी प्रेम कहानी की शुरूआत होती है। लड़की थानेदार की जेब में 500 का नोट बड़े ही रोमांटिक अंदाज में रखती है और चोरी से सब इंस्पेक्टर का पर्स भी चुरा लेती है, ताकि अगली मुलाकात को फिल्माया जा सके।

आईजी ने मुखबीर एसएचओ का नाम किया आदेश में उजागर…

  जयपुर में आईजी लॉ एंड ऑर्डर ने डॉ. हवा सिंह घूमरिया ने 20 अगस्त को राज्य के सभी एसपी और पुलिस उपायुक्त को आदेश जारी कर इस प्री-वेडिंग शूट को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने आदेश में लिखा है कि चित्तौड़गढ़ के मण्डफिया के थानेदार ने उन्हें एक पुलिस कार्मिक के प्री-वेडिंग शूट के बारे में अवगत करवाया है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी अपनी होने वाली पत्नी की गाड़ी रूकवाकर उससे रिश्वत लेकर अपनी वर्दी की जेब में रखते हुए दिखाया गया है। विभाग के ही नवनियुक्त पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा वीडियो बनवाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पुलिस महकमे की छवि धूमिल होती है। ऐसे में आदेश दिया जाता है कि पुलिस वर्दी के कोड ऑफ कंडक्ट को ध्यान में रखते हुए भविष्य में ऐसे किसी भी प्रकार के प्री वेडिंग शूट में पुलिस वर्दी का उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर कानूनी कार्यवाही की जाए।

हेलमेट नहीं पहनने पर 500 का नोट…..रिश्वत या चालान ?

आमजनता के बीच चर्चा है कि है हेलमेट नहीं पहनने पर अक्सर लोगों को 500 रूपए का चालान भरना होता है, रिश्वत तो 100-200 रूपए की होती है। अधिकारियों ने इस प्री-वेडिंग शूट में 500 रूपए को बतौर रिश्वत मान लिया और आमजनता के बीच चर्चा है कि हेलमेट नही होने पर 500 रूपए की रिश्वत कौन देता है, इतने में तो चालान ही भर दिया जाता है। हालां कि यह बात वही समझ सकता है, जो टू व्हीलर चलाता हो और उसे कभी ट्रेफिक पुलिस ने रोका हो।

अब इस वीडियो में दिख रहे 500 रूप्ए के नोट को चालान राशि माना जाए या रिश्वत ये देखने वाले के नजरिए पर निर्भर करता है। हालांकि इस प्री-वेडिंग शूट की प्रेम कहानी को लोग काफी पसंद कर रहे हैं….

नोट : एआर लाइव न्यूज पुलिस वर्दी का पूरा सम्मान करता है और पुलिस वर्दी पहने हुए इस तरह के वीडियो को बनाए जाने का कतई समर्थन नहीं करता है।

इसी के साथ यह प्रश्न भी खड़ा होता है कि बॉलीवुड में बनने वाली फिल्मों में अक्सर पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले दृश्य फिल्माए जाते हैं, तो पुलिस विभाग को क्यों न उन पर भी रोक लगानी चाहिए… और उन्हें भी वर्दी के कोड ऑफ कंडक्ट की श्रेणी में लाकर फिल्म के डायरेक्टर, प्रड्यूसर और हीरो-हीरोइन पर कार्यवाही करनी चाहिए..?

Exit mobile version