Site iconSite icon AR Live News

इंटरवेंशनल इमेजिंग से पता लगा सकेंगे मांसपेशियों के दर्द का मूल कारण

seminar on interventional imaging procedures in udaipur rnt medical collegeseminar on interventional imaging procedures in udaipur rnt medical college

उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी, सोनोलैब और फिजियोट्रेन्स की ओर से आरएनटी मेडिकल कॉलेज में “इंटरवेंशनल इमेजिंग पद्धति के फिजियोथैरेपी में उपयोग” पर सेमिनार हुई। सेमिनार में देश के प्रख्यात डॉक्टर अन्नामलाई ने कंधों के दर्द के उपचार के प्रभावी तरीके बताए और इसमें इंटरवेंशनल इमेजिंग को दर्द की पहचान और निदान के लिए सबसे बेहतर तकनीक बतायी।

यूके से आए डॉक्टर विजय राजाराम ने अपने अनुभव साझा किए कि वे किस प्रकार इस पद्धति के उपयोग से पिछले 20 सालों से विदेश में सेवाएं दे रहे हैं और लोगों को होने वाले कई प्रकार के मांसपेशियों के दर्द का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दर्द के मूल कारणों का पता लगाना इस पद्धति से ज्यादा कारगर साबित हुआ है। इससे दर्द के प्रभावी उपचार में फिजियोथैरेपिस्ट को काफी मदद मिलती है। सेमिनार में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अनिल बंसल ने दर्द के उपचार में सोनोग्राफी की भूमिका पर जानकारी दी।

सेमिनार में फिजियोट्रेन्स के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. पल्लव भटनागर, डॉ. जफर खान और डॉ. व्योम सिंह बोलिया ने इंटरवेंशनल इमेजिंग पद्धति की उदयपुर में आवश्यकता के बारे में बताया और विशेषज्ञों को आभार व्यक्त किया। सेमिनार में डॉ. प्रकाश जैन, डॉ. विनीत भटनागर, डॉ. विकास नलवाया, डॉ. संदीप गुर्जर, डॉ. नवनीत अग्रवाल, डॉ. लाभेश जैन, डॉ. ईश्वर सिंह, डॉ. चारूमति सोनी और डॉ. गुलशेर सहित अन्य चिकित्सकों और फिजियोथैरेपिस्ट ने भी हिस्सा लिया।

इस पद्धति का प्रचार-प्रसार जरूरी

सेमिनार में मौजूद रही जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ. मधुबाला चौहान ने बताया कि इंटरवेंशनल इमेजिंग एक आधुनिक और प्रभावी तकनीक है। इसकी जानकारी भारत में बहुत कम लोगों को ही है। ऐसे में इस तरह की सेमिनार आगे भविष्य में उदयपुर सहित अन्य जिलों में भी होनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस पद्धति के बारे में पता चल सके।

Exit mobile version