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पांच खरब डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने भारत सरकार ने बैंकर्स से मांगे सुझाव

उदयपुर,(ARLive news)। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के काम-काज़ को पांच खरब डॉलर की अर्थ व्यवस्था बनाने में भागीदारी और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालनें के लिए भारत सरकार के आह्वान पर रविवार को बैंकर्स विचार विमर्श कार्यशाला का हुई।

कार्यशाला का आयोजन एसबीआई उदयपुर अंचल के पाँचों क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा उदयपुर, पिंडवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में किया गया।कार्यशाला में शाखा प्रबन्धकों ने अपने काम-काज की स्वयं विवेचना की और भविष्य की चुनौतियों और रणनीति के बारे में विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श किया।

शाखा प्रबंधकों ने आधारभूत उद्योग ढाँचा, कृषि क्षेत्र व ब्लू इकोनॉमी, गृह ऋण, शिक्षा ऋण, जल शक्ति, एमएसएमई क्षेत्र व मुद्रा ऋण, निर्यात ऋण, हरित अर्थव्यवस्था, स्वच्छ भारत, वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कम नकदी/डिजिटल अर्थव्यवस्था, एटीएम प्रयोग व परफॉर्मेंस, ईज ऑफ लिविंग, एमएसएमई का स्थानीय प्राथमिकता के अनुरूप होना, कारपोरेट सामाजिक दायित्व विषयों पर चर्चा की और सुझाव दिए।

सभी विषयों पर शाखा प्रबंधकों के समूहों से प्राप्त सुझाओं को द्वितीय स्तर के विचार विमर्श के लिए प्रशासनिक कार्यालय, उदयपुर के मार्फत राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसलबीसी) को भेजा जाएगा।

प्रथम चरण के इस विमर्श कार्यशाला में क्षेत्र प्रथम के विभिन्न शाखा प्रबंधको, स्थानीय प्रधान कार्यालय, जयपुर से पधारे उपमहाप्रबंधक विनोद कुमार सिंगला, क्षेत्र प्रथम के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सुमन और चेतक सर्किल एजीएम एस एल मारू भी उपस्थित थे।

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