1995 के बाद पैंथर के आदमखोर होने का जिले में पहला मामला सामने आया।
उदयपुर,(ARLive news)। जिले की परसाद फॉरेस्ट रेंज में 10 दिनों में दो युवकों का शिकार करने वाला तेंदुआ आदमखोर हो गया है। वन विभाग ने भी इसे आदमखोर घोषित कर दिया है और प्रयास किए जा रहे हैं कि पहले इसे ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा जाए, नहीं तो इस तेंदुए को गोली मार दी जाएगी।
उदयपुर में ऐसा करब 24 साल बाद हो रहा है, जब किसी तेंदुए को आदमखोर घोषित किया गया है। सेवानिवृत सीसीएफ वाइल्ड लाइफ राहुल भटनागर ने बताया कि 1995 में हल्दु घाटी क्षेत्र में एक पैंथर आदमखोर हो गया था। उस तेंदुए के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो गया था। तब चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से अनुमति लेने के बाद उस पैंथर की तलाश की थी और फिर उसे गोली मार दी गयी थी।
तेंदुए की तलाश कर रहे वनकर्मी और पुलिसकर्मी भी खतरे में
वन विभाग और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से परसाद रेंज में तेंदुए के संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश कर रहे हैं। बारिश के चलते पहाड़ियों के बीच बड़ी-बड़ी घास, झाड़ियां और सघन वन क्षेत्र होने से वन कर्मियों को तेंदुए की तलाबारिश के चलत में काफी समस्या आ रही है और उनके जीवन के लिए भी यह सर्च काफी खतरनाक हो गयी है।
विभाग के पास गोली मारने वाला शूटर नहीं, शार्प शूटर करनी होगी तलाश
जानकारी के अनुसार विभाग में तेंदुए सहित अन्य किसी भी वन्यजीव को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइज करने वाले तो शूटर हैं, लेकिन किसी तेंदुए को मारने के लिए न तो उतनी अच्छी राइफल हैं और न ही शूटर। ऐसे में वन विभाग को आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए पहले लाइसेंसधारी अच्छी राइफल वाला शार्प शूटर तलाशना होगा। शार्प शूटर को मिल भी जाए तो अगली चुनौती होगी कि वह वन विभाग की टीम के साथ वनक्षेत्र में जाकर तेंदुए को मारने का रिस्क उठाने को तैयार हो जाए।
इन लक्षणों से तेंदुए को माना आदमखोर : सीसीएफ राम करण खेरवा
: आमतौर पर तेंदुआ जब किसी मनुष्य पर हमला करता है तो वह उसे गर्दन पर वार कर मार देता है, खाता नहीं है। लेकिन परसाद रेंज के बारापाल गांव में 24 जुलाई को तेंदुए ने घर में सो रहे युवक पर हमला कर उसे मार दिया था और घर से करीब 100 गज दूर झाड़ियों तक घसीट कर ले गया था और उसके शरीर का कुछ हिस्सा खाया भी था।
: आमतौर पर तेंदुआ घात लगाकर हमला नहीं करता है, सोमवार शाम को परसाद रेंज में तेंदुए ने 15 साल के किशोर पर हमला किया, उससे पहले वह वहां घात लगाकर बैठा हुआ था। वहां मवेशी भी थे, लेकिन तेंदुए ने मवेशियों पर हमला नहीं कर बालक का शिकार किया।
: पैंथर के युवा और शारीरिक रूप से बड़ा मजबूत होने की आशंका है। क्यों कि अक्सर पैंथर अपने से कमजोर और हाइट में छोटे दिखने वाले बच्चे या महिलाओं पर हमला करता है। लेकिन इस बार उसने दो शिकार किए और दोनों ही शिकार पुरूष वर्ग से किए हैं।
पहले ट्रेंकुलाइज करने का प्रयास करेंगे, नहीं हुआ तो गोली मारेंगे
सीसीएफ राम करण खैरवा ने बताया कि मुख्यालय ने तेंदुए को आदमखोर घोषित दिया है। वन विभाग की टीमें तेंदुए की तलाश कर रही हैं। पहाड़ी इलाका और सघन वनक्षेत्र होने से तलाश में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन टीमें लगी हुई हैं। आदमखोर तेंदुए को पहले ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने का प्रयास करेंगे, ऐसा नहीं हो पाता है तो उसे गोली मार दी जाएगी। इसके लिए डीएफओ क्षेत्र के शार्प शूटर की तलाष कर रहे हैं और पुलिस से भी मदद ली जा रही है।

