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उदयपुर की नागदा डेयरी पर नकली पशु आहार खाने से 62 गाएं मर गयीं : विधानसभा में गूंजा मुद्दा

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पशु आहार में सोप स्टोन ज्यादा मात्रा में होना भी सामने आया।

उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को उदयपुर की नागदा डेयरी में नकली पशु आहार खाने से 20 दिनों में 62 गायों के मरने का मुद्दा गूंजा। मावली विधायक धर्म नारायण जोशी ने 20 दिनों में इतनी गायों के मरने के मामले की जांच की मांग की। इसके बाद सदन में गौ माता के संरक्षण के संकल्प को दोहराया गया।

विधानसभा में मावली विधायक धर्मनारायण जोशी ने पॉइंट ऑफ इंफोरमेशन के तहत मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि उदयपुर शहरी क्षेत्र स्थित भूपालपुरा के पास केशव नगर में नागदा डेयरी है। यहां नकली पशु आहार खाने से 20 दिनों में 62 गायों की मौत हो गयी है। अब इस मामले को दबाने के लिए पशु आहार बेचने वाला व्यापारी पुलिस के साथ मिलीभगत कर नागदा डेयरी वाले पर दबाव बना रहा है, कि वह इस संबंध में कोई शिकायत नहीं करे। उसने नागदा डेयरी वाले पर दबाव बनाया है कि पशु आहार का 25 से 30 लाख रूपए नागदा डेयरी पर बकाया है तो वह उस राशि को माफ कर देगा। मामले को रफा-दफा करने के लिए डेयरी मालिक पर दबाव डालकर पशु आहार बेचने वाला व्यापारी डेयरी से नकली पशु आहार का पूरा माल वापस तक ले गया है।

सदन में मुद्दा उठाए जाने के बाद विधानसभा के बाहर विधायक धर्म नारायण जोशी पत्रकारों से भी मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि नकली पशु आहार खाने से अभी तो सिर्फ एक डेयरी का मामला सामने आया है। उस पशु आहार बेचने वाले ने न जाने कहां-कहां उसका नकली पशु आहार सप्लाई किया होगा और उससे न जाने कितनी गायों की जान गयी होगी। यह मामला बड़ा ही गंभीर है, ऐसे में इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दो गायों का पोस्टमार्टम हुआ, सोप स्टोन की मात्रा ज्यादा पायी गयी

नागदा डेयरी के मालिक मोहन नागदा ने बताया कि करीब एक महीने में 60 गाएं मरी हैं। दो गायों का पोस्टमार्टम करवाया था। पशु आहार नकली तो नहीं था, उसमें सोप स्टोन की मात्रा ज्यादा थी। डॉक्टर्स ने पहले इंफेक्शन बताया, लेकिन गायों की मौत का सही निष्कर्ष वो भी नहीं बता सके हैं।

कोई सपोर्ट नही करता इसलिए नहीं की शिकायत : नागदा डेयरी के मालिक मोहन नागदा ने कहा हम 30-40 साल से नागदा डेयरी चला रहे हैं और सोनू ट्रेडर्स से पशु आहार खरीद रहे हैं। शुरू में जब गाएं मरीं तो एकाएक समझ नहीं आया कि क्या हुआ, पहले हम अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गए, जब तक कुछ और करने की समझ आयी, 40-50 गाएं मर चुकी थीं। पुलिस में शिकायत नहीं की, इन चक्करों में कभी पड़े नहीं, किसी की शिकायत करो तो बाद में कोई सपोर्ट तो करता नहीं हैं। सोनू ट्रेडर्स वाले से बात की, तो उसने भी ठीक से जवाब नहीं दिया, उसने कहा “हो गया जो हो गया, अब क्या कर सकते हैं”।

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