नई दिल्ली,(ARLive news)। योगी सरकार के मुंह पर तमाचा मारते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने उन्नाव ब्लात्कार और हत्याकांड से जुड़े सभी मामले अब दिल्ली में सुने जाने का आदेश दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में अब तक हुई जांच और रायबरेली में इसी हफ्ते हुई सड़क दुर्घटना को लेकर पूरी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने उन्नाव केस में जांच की स्टेटस रिपोर्ट और ऐक्सिडेंट केस में अब तक हुई सीबीआई जांच की रिपोर्ट 12 बजे तक सौंपेने को कहा। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि 12 बजे तक सीबीआई के किसी जिम्मेदार अधिकारी को बुलाइए।
सर्वोच्च न्यायालय इस पूरे मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए बेहद कड़ा रूख अपनाया हुआ है। इसको इसे से समझा जा सकता है कि जब सॉलिसिटर जनरल ने सीबीआई डायरेक्टर से बात करने के बाद देश के प्रधान न्यायाधीश को बताया कि मामले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी लखनऊ में हैं। ऐसे में उनका दोपहर तक यहां आना मुश्किल है।
सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से निवेदन किया कि मामले की सुनवाई कल की जाए इस पर प्रधान न्यायाधीश ने सुनवाई कल करने से इंकार करते हुए कहा कि सीबीआई के निदेशक से बोलिए कि फोन पर पूरी जानकारी लेकर दोपहर 12 बजे तक अब तक हुई जांच की जानकारी न्यायालय को बताएं।
इस पूरे मामले पर उ.प्र. की योगी सरकार की स्थिति इस से समझी जा सकती है कि उन्नाव कांड के आरोपी भाजपा विधायक पर दुष्कर्म, हत्या जैसे संगीन आरोप होने के बावजूद भाजपा ने उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है।जबकि पीड़िता अपने और अपने परिजनों की सुरक्षा की गुहार उ.प्र. के हर उस जिम्मेदार अधिकारियों मंत्रियों से करती रही, लेकिन उसकी आवाज को सभी ने अनसुना कर दिया।

