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सरेआम कई कानून तोड़ डीजीपी रहे अजीत सिंह का नाम सड़क पर उछालने वाली उत्पाती महिला पर मेहरबान उदयपुर पुलिस…!

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आखिर क्यों महिला को बचा रही है पुलिस ?

उदयपुर,(ARLive news)। शराब पीकर गाड़ी चलाना, सड़क पर एक्सीडेंट करना, डिवाइडर पर गाड़ी चढ़ाना और फिर सीना जोरी कर सड़क पर राजस्थान पुलिस महानिदेशक रह चुके अजीत सिंह का नाम सड़क पर उछालते हुए उत्पात मचाकर पुलिस और आमजन को धमकाना। यह सब एक महिला ने बीच सड़क पर भीड़ के बीच पुलिस के सामने किया।

आमतौर पर ऐसा कुछ जब होता है, तो पुलिस उत्पाती को मोटी-मोटी धाराओं में गिरफ्तार कर लेती है। कुछ नही तो शांतिभंग के आरोप में सीआरपीसी की धारा 151 में तो गिरफ्तार करती ही है। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। मौके पर कार्यवाही करना तो दूर, थाने में महिला के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर में इस महिला का कहीं नाम तक नहीं लिखा है और न ही पुलिस ने इसकी गाड़ी को जब्त किया है। घटना शुक्रवार रात की है और तीन दिन बाद भी पुलिस ने इस महिला के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। घटना का वीडियो वायरल हुआ तो हकीकत सामने आयी।

नशे में धुत होकर चला रही थी कार

मामले की जांच कर रहे हेडकांस्टेबल मोहन सिंह ने बताया कि एक्सीडेंट कर सड़क पर उत्पात मचाने वाली उक्त महिला का नाम प्रेम कुंवर है। अभी तक उसकी गिरफ्तारी मामले में नहीं हुई है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। प्रार्थी विजय मीणा ने एफआईआर में स्पष्ट लिखा है कि महिला नशे में अपनी बड़ी कार तेज गति में चलाते हुए लेकर आयी, ठोकर चौराहे के पास उसने मेरी गाड़ी को कट मारा और फिर आगे जाकर एक बाइक सवार को कट मारा, जिससे बाइक सवार बाल-बाल बचा और फिर महिला ने कार डिवाइडर पर चढ़ा दी। इसके बाद महिला ड्राइवर सीट से गाड़ी से उतरी, वह पूरी तरह नशे में धुत थी।

सरे आम नशे में धुत महिला ने एडीजी अजीत सिंह को रिश्तेदार बताया और सीआई को अपना पति बताकर पुलिस और आमजनता को धमकाया। मौके पर जाम लग गया। मौके पर जमा भीड़ महिला का हंगामा और पुलिस का तमाशा बनते देख रही थी। तीन थानों की पुलिस मौके पर जाब्ते के साथ पहुंची। महिला का हंगामा करीब आधा घंटे तक चला, लेकिन किसी पुलिस वाले ने उसे गिरफ्तार नही किया। इसके बाद महिला ने क्रेन बुलवाकर अपनी कार वहां से हटवायी और खुद भी चली गयी।

क्या शराब का धंधा करने वालों पर मेहरबान रहती है पुलिस ?

सवाल यह है कि एक साल पहले सेवानिवृत हो चुके राजस्थान पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह को अपना रिश्तेदार बताकर उनका नाम बीच सड़क पर उछालने वाली महिला को आखिरकार पुलिस क्यों बचा रही है। जानकारी में आया है कि इस महिला की डीजीपी रहे अजीत सिंह से नजदीकी रिश्तेदारी नहीं है और न ही इसका पति पुलिसवाला है। लेकिन शराब का धंधा होने के चलते कुछ पुलिसवालों से इसका अच्छा परिचय है।

लोगों के बीच चर्चा है कि पुलिस वालों से अच्छा परिचय के कारण ही यह महिला बीच सड़क पर उत्पात मचाती है, पुलिस के सामने लोगों को धमकाती है, पुलिस का नाम बीच सड़क पर उछालती है और पुलिस की छवि खराब करती है, लेकिन पुलिस न तो इसे गिरफ्तार करती है और न ही इसकी गाड़ी जब्त करती है। यह पुलिस के सामने पूरी धौंस दिखाते हुए खुद क्रेन बुलवाती है और अपनी गाड़ी लेकर चली जाती है।

गौरतलब है कि यह वही महिला है जिसे कुछ महीने पहले आबकारी विभाग की शराब के ठेके की लॉटरी निकलते समय उत्पात मचाने के आरोप में प्रतापनगर पुलिस ने पकड़ा था और उसकी यही गाड़ी जब्त की थी, जिससे उसने दो दिन पहले भी सड़क पर आमजन जीवन खतरे में डाल दिया और एक्सीडेंट किया। इस महिला ने तब प्रतापनगर थाने पर शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया था और पुलिसवालों को थाने के अंदर गालियां दी थी। जिसका वीडियो भी शहर में खूब वायरल हुआ था। बाद में इसने उन पुलिस वालों पर ही केस दर्ज करवा दिया था, जिन्होंने इसे पकड़ा था।

ऐसे को कैसे कायब होगा पुलिस का इकबाल

पुलिस के इस रवैये से तो सवाल यह उठता है कि ऐसे कैसे पुलिस का इकबाल कायम होगा। एक महिला पुलिस को जनता के सामने धमका कर चली जाती है, बीच सड़क पर कई कानून की धज्जियां उड़ाती है, लेकिन पुलिस उसका कुछ नहीं करती। जहां राजस्थान पुलिस डीजीपी पुलिस की छवि को सुधारने पर जोर दे रहे हैं, तो वहीं उदयपुर पुलिस के कुछ थानों की पुलिस इकबाल कम करने में लगी हुई है।

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