Site iconSite icon AR Live News

शीला दीक्षित के निधन पर राहुल और मोदी सहित तमाम नेताओं ने दुख जताया

shila dixitshila dixit

नई दिल्ली,(ARLive news)। दिल्ली की 15 सालों तक मुख्यमंत्री रहीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, “मैं शीला दीक्षित जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं। वह कांग्रेस पार्टी की प्रिय बेटी थीं जिनके साथ मेरा नजदीकी रिश्ता रहा।’ उन्होंने कहा, ‘दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और दिल्ली के निवासियों के प्रति मेरी संवेदनाएं है।

उन्होंने दिल्ली के निवासियों की तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए निःस्वार्थ भाव से सेवा की।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें एक अच्छा राजनेता बताया। गौरतलब है कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। वह 81 साल की थीं। वह 1998 से 2013 के बीच 15 वर्षो तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।

उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह सहित बड़े नेताओं ने शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी। शीला दीक्षित सबसे लंबे समय तक तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। 1998 से लेकर 2013 तक उन्होंने दिल्ली का शासन संभाला। उनके सम्मान में दिल्ली सरकार ने दो दिन के राजकीय शोक रखा है।

दीक्षित का शहर के विकास में योगदान को हमेशा याद किया जाएगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शोक जताते हुए कहा कि दीक्षित का शहर के विकास में योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके आकस्मिक निधन के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है। शीला दीक्षित को दिल्ली में सड़कों और फ्लाईओवरों के साथ बढ़ते बुनियादी ढांचे के लिए श्रेय दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, जिसमें दिल्ली मेट्रो भी शामिल है, साथ ही स्वास्थ्य और शैक्षणिक क्षेत्र के विकास के लिए भी सराहा जाता है।

दीक्षित 2014 में केरल की राज्यपाल भी रहीं। इस साल जनवरी से वह कांग्रेस की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा, मगर इस बार चमत्कारी परिणाम आने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

Exit mobile version