उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की उदयपुर यूनिट ने 175 किलो गांजा पकड़कर आंध्र प्रदेश से उदयपुर संभाग में मादक पदार्थों की तस्करी का खुलासा किया है। एसओजी टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तस्करों से मिलीभगत के आरोप में चित्तौड़गढ़ के मण्डफिया थाना की चिकारड़ा चौकी एएसआई प्रकाश चन्द्र और कांस्टेबल सज्जन सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश के गांजे की इतनी बड़ी खेप बरामद होने के मामले में खास बात यह भी है कि यह माल उदयपुर के एलीट क्लास में बडे स्तर पर सप्लाई होता है और इसे यहां अलग-अलग नाम से जाना जाता है।
एसओजी महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि चित्तौड़गढ़ के पूनावली, मण्डफिया निवासी भरत जोशी उर्फ भरत मेनारिया पुत्र सत्यनारायण और मंगलवाड़ निवासी रवि खटीक पुत्र मदनलाल और भरत के मामा भंवरलाल पुत्र देवाराम मेनारिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य तस्कर चित्तौड़गढ़ के पूनावली, मण्डफिया निवासी पोखर पुत्र मिट्ठू लाल खटीक की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार तस्कर के मामा भंवरलाल के घर से 85 पैकेट्स में रखा 175 किलो गांजा बरामद किया गया। यह गांजा ये तस्कर आंध्रप्रदेश से ला रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे यह गांधा विशाखापट्टनम, आंध्रप्रदेश से रमेश उर्फ अन्ना नाम के व्यक्ति से अवैध रूप से खरीद कर लाए हैं।
यह पूरी कार्यवाही उदयपुर एसओजी निरीक्षक अब्दुल रहमान के नेतृत्व में हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और इस गिरोह के खुलासे में उदयपुर एसओजी निरीक्षक अब्दुल रहमान, एसआई सुबोध जांगीड़, हेडकांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह, कांस्टेबल पवन और जयपुर एसओजी निरीक्षक सूयवीर सिंह, कांस्टेबल हनुमान की मुख्य भूमिका रही है।
सिरडी से एस्कॉर्ट कर तस्करी कर लाए गांजे का इतनी बड़ी खेप
तस्कर के मामा के घर से बरामद किया माल
एसओजी निरीक्षक अब्दुल रहमान ने बताया कि टीम ने मुखबीर की सूचना पर मण्डफिया, पूनावली, चिकारड़ा क्षेत्र में दबिश दी। जहां रवी खटीक और भरत मेनारिया को गिरफ्तार किया। सख्ती से पूछताछ में भरत ने बताया कि उसने गांजे के सभी पैकेट मामा भंवरलाल के घर छुपा कर रखे हैं। इस पर टीम ने भंवरलाल के घर पर दबिश देकर 175 किलो गांजे को बरामद किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह यह गांजा पोखर के कहने पर आंध्रप्रदेश से लाए हैं।
तस्करों ने कनसाइनमेंट को सुरक्षित पहुंचाने के लिए एएसआई से सौदा किया
एसओजी टीम ने मुखबीर की सूचना पर जब चित्तौड़गढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी तो पड़ताल में पता चला कि चिकारड़ा पहुंचने के बाद वहां के पुलिस चौकी प्रभारी से तस्कर पोखर ने माल को छोड़ देने और सुरक्षत स्थान पर पहुंचाने मे मदद करने की एवज में सौदा हुआ है। तस्करों से मिलीभगत के आरोप में एएसआई प्रकाश चन्द्र और कांस्टैबल सज्जन सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

