उदयपुर,(ARLive news)। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक डीजीपी कपिल गर्ग शनिवार को जिले-संभाग के निरीक्षण-दौरे और समीक्षा के लिए उदयपुर पहुंचे। यहां पत्रकार वार्ता के दौरान अपराध बढ़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अपराध नहीं बढ़े हैं, अपराध की रिपोर्ट थानों में दर्ज होने लगी है, इसलिए आंकड़े बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस पर पत्रकार ने प्रश्न किया कि तो क्या पिछली सरकार के कार्यकाल में मामले दर्ज नहीं होते थे ? पर डीजीपी गर्ग ने कहा कि यह समय किसी की कमियां बताने का नहीं, बल्कि कमियों के सुधार का है। पीड़ित के थाने पहुंचने पर अब उसकी पीड़ा सुनी जा रही है और एफआईआर भी दर्ज हो रही है। बैठक में आईजी प्रफुल्ल कुमार, संभाग के सभी एसपी, जिले के एडिएसपी, डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी गर्ग ने कहा कि वर्षों तक हम ब्रिटिश शासन काल में रहे और यह शर्मनाक है कि आजादी के 71 सालों बाद भी उसी पद्धति में जी रहे हैं। जिसके पास पहुंच और पैसा नहीं है, उसकी कहीं सुनवाई नहीं होती थी। इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हमें यह निर्देश दिए कि सबसे पीछे खड़े नागरिक, जिसकी कोई पहुंच न हो और अगर वह भी पीड़ित है, तो उसकी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, भले ही दर्ज एफआईआर के आंकड़े 4 लाख हो जाएं। एफआईआर दर्ज होने से नागरिक को पहली राहत मिलेगी, उसके मामले में अनुसंधान होगा और न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। माइनर के साथ दुष्कर्म की घटनाएं शर्मनाक है, लेकिन इन घटनाओं में बढ़ोतरी नहीं हुई है, बल्कि अब एफआईआर दर्ज होने से ये मामले सामने आ रहे हैं, पहले तो पीड़ित के थाने पर जाने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं होती थी।
मेरा सपना “एक ऐसी पुलिस जिस पर हर व्यक्ति भरोसा करे”
30 जून को सेवानिवृत होने जो रहे डीजीपी कपिल गर्ग का यह डीजीपी बनने के बाद उदयपुर में पहला दौरा है और इसी महीने वे सेवानिवृत होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि ऐसी पुलिस बने जिस पर हर व्यक्ति भरोसा करे। अगर पुलिसवाला कुछ कहे तो लोग उसकी बात को माने और उसकी बात पर भरोसा करें कि अगर पुलिस वाला कह रहा है तो वह सही ही होगा, पुलिस वाला गलत नहीं कह सकता है।
कांस्टेबल को अनुसंधान अधिकारी बनाना चाहता हूं
डीजीपी गर्ग ने कहा मैं मेरे कांस्टेबल को अनुसंधान अधिकारी का अधिकारी देना चाहता हूं। मेरी सेवानिवृति के बाद भी मैं चाहूंगा कि कांस्टेबल का यह अधिकार दिया जाए (गौरतलब है कि अभी हेडकांस्टेबल और उससे उपर के पुलिसकर्मी ही किसी मामले का अनुसंधान कर सकते हैं)। बहुत सारे नवाचार लागू करवाना चाहता हूं, इन साढ़े पांच महीनों में सभी नवाचार लागू करवाना संभव नहीं था, फिर भी नागरिक को राहत देने वाली और पुलिस-परिवारों के वैलफेयर की कई योजनाएं शुरू की है।
जल्द ही मिलेंगी पुलिसकर्मियों को पदोन्नतियों और पुरस्कार की खुशियां
डीजीपी ने कहा पिछले महीनों में कई हार्डकोर क्रिमिनल पकड़े गए हैं। अपराधियों की धरपकड़ में बेहतरीन कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पदोन्नतियां और अवॉर्ड दिए जाने हैं। जल्द ही आने वाले दिनों में इन सभी की घोषणा कर दी जाएगी।

