Site iconSite icon AR Live News

छुट्टी के दिन साहब के कहने पर रिश्वत लेने बस स्टैंड पहुंचा बुकिंग क्लर्क धरा गया

udaipur acb trap booking clerk rsrtcudaipur acb trap booking clerk rsrtc

उदयपुर,(ARLive news)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शनिवार को बस स्टैंड पर दुकान अलॉटमेंट के नाम पर चलने वाले भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए बुकिंग क्लर्क को 5600 रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। बुकिंग क्लर्क हीरालाल लोहार उदयपुर केन्द्रीय बस स्टैंड के वित्त प्रबंधक चन्द्र प्रकाश कच्चौरिया के कहने पर परिवादी से रिश्वत राशि लेने छुट्टी के दिन बस स्टैंड पहुंचा था।

एडिएसपी सुधीर जोशी के अनुसार कि रोडवेज बस स्टैंड पर बुकिंग क्लर्क हीरालाल लोहार को 5600 रूपए रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है। इससे पहले हीरालाल एसीबी द्वारा किए गए शिकायत सत्यापन के समय भी परिवादी रोहित उर्फ राकेश मेनारिया से 3000 रूपए ले चुका था। यह राशि हीरालाल लोहार रोडवेज बस स्टैंड के वित्त प्रबंधक चन्द्रप्रकाश कच्चौरिया के कहने पर ले रहा था। रिश्वत की मांग भी चन्द्र प्रकाश कच्चौरिया ने परिवादी से की थी। शनिवार को सरकारी छुट्टी होने से चन्द्रप्रकाश कच्चौरिया तो बाहर गया है, जिसकी टीम तलाश कर रही है। कच्चौरिया ने रिश्वत राशि लेने के लिए बुकिंग क्लर्क को बस स्टैंड भेज दिया था।

बुकिंग क्लर्क के जरिए वित प्रबंधक ने ली रिश्वत राशि

हुआ यूं कि रोहित उर्फ राकेश मेनारिया ने गत दिनों एसीबी कार्यालय आकर वित्त प्रबंधक चन्द्र प्रकाश कच्चौरिया के 10 हजार रूपए रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसकी पत्नी रेखा मेनारिया के नाम से बस स्टैंड पर निविदा में एक दुकान अलॉट हुई थी। अब वित्त प्रबंधक यह दुकान रेखा के नाम से निरस्त कर किसी अन्य को देना चाहता है और दुकान निरस्त नहीं करने की एवज में 10 हजार रूपए रिश्वत मांग रहा है। परिवादी के काफी निवेदन पर वित्त प्रबंधक चन्द्र प्रकाश कच्चौरिया 8600 रूपए में तैयार हो गया है।

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया, तो रिश्वत राशि लेने के लिए कच्चौरिया ने बुकिंग क्लर्क हीरालाल लोहार को भेज दिया। तब सत्यापन के दौरान हीरालाल लोहार ने कच्चौरिया के कहने पर परिवादी रोहित से 3 हजार रूपए लिए थे। कच्चौरिया ने बची हुई 5600 रूपए राशि शनिवार को देने के लिए कहा। परिवादी रोहित आज रूपए लेकर बस स्टैंड पहुंचा। सरकारी छुट्टी होने से कच्चौरिया बस स्टैंड कार्यालय में नहीं था और बुकिंक क्लर्क हीरालाल की भी शाम सेे ड्यूटी थी। लेकिन रिश्वत राशि के लालच में कच्चौरिया साहब के कहने पर हीरालाल दोपहर में ही रोडवेज बस स्टैंड पहुंच गया। हीरालाल ने जैसे ही परिवादी से रिश्वत राशि के 5600 रूपए लिए, उसी समय एसीबी निरीक्षक हनुवंत सिंह के नेतृत्व में टीम ने उसे धर दबोचा।

Exit mobile version