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दिग्गज साहित्याकार गिरीश कर्नाड का 81 वर्ष की उम्र में निधन

Girish Raghunath Karnad was died on 10 juneGirish Raghunath Karnad was died on 10 june

बेंगलुरु,(ARLive news)। कन्नड़ साह‍ित्याकार, रंगकर्मी, एक्टर ,फिल्म निर्देशक और रंगमंच के जाने-माने कलाकार गिरीश कर्नाड का सोमवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे वक्त से बीमार थे। उन्होंने बेंगलुरु में आखिरी सांस ली। गत माह उन्होंने 81वां जन्मदिन मनाया था। उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से नवाजा गया। उन्होंने साउथ और बॉलिवुड की फिल्मों में काम किया था। गिरीश कर्नाड ने अपना पहला नाटक कन्नड़ में लिखा था जिसका बाद में अंग्रेजी में अनुवाद किया गया। उनके चर्चित नाटकों में ‘यताति’, ‘तुगलक’, ‘हयवदना’, ‘अंजु मल्लिगे’, ‘अग्निमतु माले’, ‘नागमंडल’ और ‘अग्नि और बरखा’ शामिल हैं।

1960 के दशक में कर्नाड के यायाति 1961, ऐतिहासिक तुगलक 1964 जैसे नाटकों को काफी सराहा गया है, जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां हयवदना 1971, नगा मंडला 1988 और तलेडेंगा 1990 ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। 2 पद्म सम्मानों के अलावा 1972 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी, 1994 में साहित्य अकादमी, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार भी दिया गया है। कन्नड़ फिल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।

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