बांसवाड़ा,(ARLive news)। बांसवाड़ा में पहली बार हुए राज्य के पहले ‘मेंगो फेस्टिवल’ में जिले को ‘मैंगो हब’ की नयी पहचान मिल गयी है। जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के के सहयोग से हुए तीन दिवसीय ‘मेंगो फेस्टिवल’ में रिकॉर्ड तोड़ 5 हजार किलो आम और 250 किलो आमपापड़ की बिक्री हुई।
आम ही नहीं आम उत्पादों को भी लोगों ने पसंद किया
फेस्टिवल में लोगों ने आम और उनके उत्पादों की जमकर खरीदारी भी की। आम उत्पादों में सर्वाधिक 375 किलो अचार की बिक्री हुई। आम पापड़ की कुल 245 किलो बिक्री हुई। बांसवाड़ा में ही बनायी जाने वाली मिठाई आमपाक की भी 180 किलो की रिकार्ड बिक्री हुई। फेस्टिवल में 1350 से अधिक लोगों ने मेंगो शैक का सेवन किया और आम के पौधे भी खरीदेफेस्टिवल में लोगों ने विविध प्रजातियों के 350 से अधिक पौधे खरीदे।
आम की 46 प्रजातियों ने मोहा मन
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि बांसवाड़ा में आयोजित प्रदेश के पहले ‘मेंगो फेस्टिवल’ के प्रति आमजन का जबरदस्त उत्साह देखा गया और सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र 46 प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी रही। लोग एक ही स्थान पर 46 प्रजातियों के आम देख रोमांचित हुए। प्रदर्शनी में बांसवाड़ा में ही पैदा हो रही किशन भोग, बोम्बे ग्रीन, बोम्बई, केसर, राजस्थान केसर, फजली, मूलागो, बैंगनफल्ली, जम्बो केसर गुजरात, स्वर्ण रेखा, बंगलौरा, नीलम, चौसा, दशहरी, मनकुर्द, वनराज, हिमसागर, जरदालु, अल्फांजो, बजरंग, राजभोग, मल्लिका, लंगड़ा, आम्रपाली, फेरनाड़ी, तोतापुरी, रामकेला, सदाबहार आदि 28 प्रजातियों के साथ देसी आम की 18 प्रजातियों यथा टीमुरवा, आँगनवाला, देवरी के पास वाला, कसलवाला, कुआवाला, आमड़ी, काकरवाला, लाडुआ, हाडली, अनूप, कनेरिया, पीपलवाला, धोलिया, बारामासी, बनेसरा, सागवा, कालिया, मकानिया आदि प्रजातियों के आमों का भी प्रदर्शन किया गया था।
12 स्टाल्स पर नीलम, लंगड़ा, केसर, जंबो केसर गुजरात, आम्रपाली, दशहरी, राजभोग, तोतापुरी, बंगलौरा, चौसा, बजरंग, बारामासी आदि प्रजातियों के आमों को एक ही दर 60 रुपये किलो से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया। दूसरी तरफ 8 स्टॉल पर आम के उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय किया गया।

