उदयपुर,(ARLive news)। शहर का सवीना थाना रिश्वत के एक मामले में चर्चा का विषय बन बना हुआ है और इसने थाने के सभी पुलिसकर्मियों की सांसे उपर-नीचे की हुई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी )सवीना थाने के कांस्टेबल सुरेश को 5 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने की कार्यवाही पूरी करती, इससे पहले कांस्टेबल को एसीबी की भनक लग गयी और वह अंतिम क्षण में पलट गया। इस मामले में “पीड़िता का आरोप है कि वह पुलिसकर्मी की बदनियती और अवैध वसूली की धमकियों से परेशान हो गयी थी। इस मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए एसीबी के अलावा मेरे पास कोई और रास्ता नहीं बचा था।”
“हालां कि कांस्टेबल की ओर से उसके प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि महिला ने जो अश्लील बाते करने के आरोप लगाए हैं, वे मिथ्या और पूरी तरह झूठे हैं।”
एसीबी अधिकारियों के अनुसार कांस्टेबल सुरेश भले ही रंगे हाथों नहीं पकड़ा गया हो, लेकिन सत्यापन के दौरान उसके खिलाफ रिष्वत मांगने की इतनी सारी रिकॉर्डिंग्स प्राप्त हो गयी थी वह मामला बनाने के लिए उपयुक्त साबित होंगी।
पीड़िता ने बताया कि उसके पति इनायत पिंजारा हिस्ट्रीशीटर है। लेकिन पिछले काफी सालों से उन्होंने अपराध जगत से तौबा कर ली है। हिस्ट्रीशीटर होने के बहाने से आए दिन पुलिसकर्मी हमारे यहां आते है और मुझे परेशान करते हैं। पीड़िता ने कांस्टेबल पर आरोप लगाया कि मैं ब्यूटी पार्लर चलाती हूं, तो कभी भी मेरे यहां आकर धमकाते हैं, रूपए, शराब की बोतल मांगते हैं और डबल मीनिंग की बातें कर मुझे परेशान करते हैं, गंदी निगाहों से देखकर मुझे साथ घूमने चलने, साथ में बैठकर कोल्डड्रिंक पीने के लिए ऑफर देते रहते हैं।
सीआई साहब के नाम से कांस्टेबल ने मांगी रिश्वत
पीड़िता द्वारा एसीबी में की शिकायत के अनुसार गत दिनों पीड़िता के पार्लर पर काम करने वाले लड़के खाना लेकर आ रहे थे, तभी कॉम्पलैक्स की पार्किंग में कांस्टेबल सुरेश ने इन लड़कों को पकड़ लिया। जब तलाशी में कुछ नहीं मिला तो बाइक सहित उन्हें जबरन सवीना थाने ले गया। महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ उन लड़कों को छुड़ाने सवीना थाने गयी तो कांस्टेबल सुरेश ने 15 हजार रूपए की मांग की और कहा सीआई साहब की जेब गरम करनी पड़ती है, इतने तो देने पड़ेंगे। पीड़िता ने सीआई साहब से मिलने के लिए कहा तो बोल दिया अभी तो थाने पर नहीं है। महिला ने 15 हजार रूपए देने से जब इनकार कर दिया तो कांस्टेबल सुरेश ने 5 हजार रूपए की मांग की और कहा साथ में कोल्ड ड्रिंक भी पीएंगे।
बाइक छुड़ाने के लिए 5 हजार दे देना अभी लड़कों को ले जाओ
पीड़िता ने बताया कि थाने पर कांस्टेबल सुरेश ने 5 हजार रूपए देने को कहा और बोला कि अभी लड़कों को ले जाओ, जब 5 हजार दोगी तो इनकी बाइक छोड़ देंगे। कांस्टेबल ने बाइक को कहीं भी थाने के रिकॉर्ड में नहीं लिया था।
पीड़िता ने कहा पुलिसकर्मियों की बदनियती और रोज-रोज की धमकियों से परेशान हो चुकी थी, इसलिए मैंने एसीबी में शिकायत की। एसीबी ने सत्यापन किया तो कांस्टेबल सुरेश के रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गयी। जिस दिन सुरेश को पैसे देने थे और एसीबी को उसे पकड़ना था, इससे कुछ देर पहले कांस्टेबल सुरेश को कहीं से भनक लग गयी और उसने फोन उठाने बंद कर दिए। बाद में फोन कर कहा कि अपनी बाइक ले जाओ और रूपयों की बात पर अनभिज्ञता जताई।
रात को थाने से बाइक लेकर गया तो सीआई ने वापस मंगवाई
थाना सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल ने मामले से बचने के लिए थाने से वह बाइक हटाने की कोशिश की और रात को बिना किसी से पूछे ही बाइक लेकर चला गया। हालां कि बाद में जब थानाधिकारी संजीव स्वामी को एसीबी कार्यवाही और कांस्टेबल की बदमाशी का पता चला तो उन्होंने बाइक वापस थाने मंगवाई। कांस्टेबल के ट्रेप के बारे में जब सवीना थानाधिकारी से बात की तो थानाधिकारी संजीव स्वामी ने बताया कि मामला एसीबी का है, इस संबंध में वही जानकारी दे सकते हैं।

