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कांग्रेसी-भाजपाई एक साथ हुए लामबंद : चोरों के दुस्साहस पर उदासीन पुलिस

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उदयपुर,(ARLive news)। शहर में चोरों का दुस्साहस इतना ज्यादा बढ़ गया है कि वे अब सूने मकान ही नहीं, उन घरों को भी निशाना बना रहे हैं, जहां परिवार सदस्य मौजूद हैं। साइफन चौराहा के पास अमृत नगर कॉलोनी में पूर्व पार्षद का परिवार घर में रात को सो रहा था और चोरों ने घर में धाबा बोल दिया और काफी सामान चोरी कर ले गए।

क्षेत्र में इस प्रकार से हुई यह छठी चोरी पर गुस्साएं अमृत नगर आवासीय समिति और श्रीमाली समाज के लोग भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली और कांग्रेस से पूर्व पार्षद दिनेश श्रीमाली के नेतृत्व में कलेक्ट्री पहुंचे, अपना विरोध जताया और एसपी के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंप कर बदमाशों के खिलाफ कार्यवाही और क्षेत्र में उपयुक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। रविन्द्र श्रीमाली ने बताया कि कॉलोनी और शहर में लगातार इस प्रकार की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन इसको लेकर बिलकुल भी गंभीर नही है। इससे बदमाशों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं और आमजन दहशत में है। यहां आकर आज हम यही मांग कर रहे हैं कि पुलिस इस प्रकार की वारदातों की रोकथाम करे।

पुलिस आयी लेकिन फौरी कार्यवाही कर चली गयी

पीड़ित पूर्व पार्षद गिरीश श्रीमाली ने बताया कि 10 मई शुक्रवार रात मेरा पूरा परिवार घर में रात को सो रहा था। सभी अपने-अपने कमरों में थे। रात को आया आंधी-तूफान का फायदा उठाकर कुछ बदमाश खिड़की की ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे। बदमाश हथियारबंद थे। फ्लोर पर मेरे बेटे के कमरे सहित अन्य कमरों को बाहर से बंद कर दिया और जिन कमरों में कोई नहीं था, उनमें जाकर करीब 50 हजार रूपए, कपड़े, कानों की बालियां सहित कार की चाबी व अन्य सामान चोरी किया। बदमाशों ने वहां बेखौफ कोल्डड्रिंक भी भी।

इसके बाद चोरों ने घर के बाहर पोर्च में खड़ी कार में डायरेक्ट चाबी लगा दी, इससे कार का सायरन बज गया। बेटा जागा लेकिन कमरा बाहर से बंद होने से वह कुछ नहीं कर सका। जब तक परिवार के अन्य सदस्य बाहर पार्किंग में पहुंचे, बदमाश नगदी, जेवर और सामान लेकर मौके से फरार हो चुके थे। हालां कि बदमाश कार साथ में नहीं ले जा सके।

गिरीष श्रीमाली ने कहा कि कॉलोनी में इस प्रकार की यह छठी चोरी हुई है। लेकिन हर बार की तरह पुलिस मौके पर आयी तो, लेकिन न तो कोई एफएसएल जांच की, न फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट के नमूने लिए। फौरी कार्यवाही कर सामान समेट लेने की कहकर चली गयी। उस दिन के बाद से अब तक पुलिस ने बदमाषों का पकड़ने के कोई प्रयास नहीं किए हैं।

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