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गीतांजलि हॉस्पिटल के खिलाफ जांच के आदेश : काउंसलिंग बोर्ड बैठक में हुआ निर्णय

Post Graduate Medical Admission Counselling Board MeetingPost Graduate Medical Admission Counselling Board Meeting

जयपुर/उदयपुर,(ARLive news)। राजधानी जयपुर में बुधवार को मेडिकल एडमीशन काउंसलिंग बोर्ड की हुई बैठक में प्राप्त हुई एक शिकायत पर उदयपुर के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के खिलाफ जांच शुरू हो गयी है। छात्र ने शिकायत की कि काउंसलिंग में कॉलेज अलॉट होने के बावजूद गीतांजलि कॉलेज प्रबंधन ने उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया।

बैठक में कॉलेज के खिलाफ हुई शिकायत पर काफी गहमागहमी का माहौल रहा और शिकायत करने वाले छात्र (अभ्यर्थी) ने खुलकर कड़े शब्दों में गीतांजलि की सबसे सामने मौखिक और लिखित शिकायत की। काउंसलिंग बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुधीर भंडारी ने बताया कि गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के खिलाफ एक कैंडीडेट ने शिकायत दी है। इस मामले को एग्जामिन किया जा रहा है, कि आखिरकार ईशू क्या है और ऐसा क्यों हुआ। दो दिन बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज पर कार्यवाही को लेकर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।

यह है मामला

जानकारी के अनुसार राज्य में इन दिनों एमडी एमएस कोर्सेस, मेडिकल पीजी कोर्स की काउंसलिंग चल रही है। इसका मॉप-अप राउंड (फाइनल राउंड) हो चुका है और काउंसलिंग बोर्ड ने कैंडीडेट्स छात्रों को मैरिट और प्रिफरेंस के अनुसार उन्हें कॉलेज अलॉट कर दिए हैं।

छात्र ने काउंसलिंग बोर्ड की बैठक में बताया कि उसे काउंसलिंग बोर्ड ने गीतांजलि कॉलेज अलॉट किया। उसने गीतांजलि के जनरल मेडिसिन कोर्स में प्रवेश के लिए सीट का चयन किया था। काउंसलिंग के बाद कॉलेज अलॉट होने पर उसने नियमानुसार काउंसलिंग बोर्ड में अपने सभी डॉक्यूमेंट्स जमा करवा दिए और गीतांजलि कॉलेज में प्रवेश के लिए फीस जमा करवाने और बैंक गारंटी की प्रक्रिया पता करने गया। गीतांजलि कॉलेज में जब वह गया तो उसे वहां जनरल मेडिसिन कोर्स की सीट पर प्रवेश देने से इनकार कर दिया और किसी भी बात का ढंग से रिप्लाई तक नहीं दिया गया। काफी परेशान होने के बाद उसने काउंसलिंग बोर्ड में इसकी शिकायत की और अपने डॉक्यूमेंट्स वापस मांगे।

छात्र ने कहा कि कॉलेज ने प्रवेश देने से इनकार कर दिया और मेरे दस्तावेज काउंसलिंग बोर्ड में जमा हैं, ऐसे में मैं किसी अन्य स्टेट में भी आवेदन नहीं कर पा रहा हूं और इससे मेरा पूरा एक साल और कॅरियर खराब हो रहा है। 

बैठक में छात्र की पूरी बात सुनने के बाद बोर्ड चेयरमैन डॉ. सुधीर भंडारी और अन्य सदस्यों ने आपस में चर्चा की और नियमों से अलग छात्र की परेशानी को समझते हुए उसके डॉक्यूमेंट्स वापस करने का निर्णय लिया। साथ ही गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के खिलाफ इस मुद्दे पर जांच शुरू की गयी कि आखिरकार कॉलेज ने क्यों छात्र को प्रवेश देने से इनकार किया।

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