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दुल्हन का यू-टर्न : कहा जबरन उठा कर ले गए थे, सवाल-निजी ट्रेवल्स में अपहरण कैसे ?

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पुलिस की कहानी गले नहीं उतरती, कहीं लड़की किसी दबाव में तो नहीं ?

उदयपुर,(ARLive news)। उदयपुर। शहर के सवीना फाटक से फिल्मी स्टाइल में हुए दुल्हन विनीता के अपहरण और इसके कुछ घंटों बाद विनीता के नाम से वायरल हुए लेटर से आए ट्विस्ट में अब दुल्हन ने ही यू-टर्न ले लिया है। विनीता ने कहा कि उसे प्रियंक और उसके दोस्त जबरन उठा कर लेकर गए थे। पुलिस ने प्रियंक और विनीता को जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से एक निजी ट्रेवल्स से पकड़ा था। सवाल यह है कि निजी ट्रेवल्स में अपहरण कैसे संभव हो सका ?  

दुल्हन विनीता ने हिरणमगरी थाने में बयान दिए और पति क्षितिज के साथ जाने की ईच्छा जताई। विनीता के इस बयान के बाद पुलिस ने प्रियंक और उसके दोस्तों पर दुल्हे क्षितिज पर हुए जानलेवा हमला की धारा 307, दुल्हन के अपहरण की धारा 365, दुल्हन के साथ उसके सामान और जेवर के सूटकेस की डकैती की धारा 395 और इस घटना को अंजाम देने में रची गयी साजिश की धारा 120बी में गिरफ्तार किया है।

वायरल लेटर विनीता का ही है, लेकिन दो महीने पहले लिखा था : एसपी

एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लेटर लड़की विनीता ने ही लिखा था, लेकिन यह लेटर दो महीने पुराना है। करीब 6 महीने पहले विनीता और प्रियंक ने शादी करनी चाही थी और नगर निगम में इसका आवेदन भी कर दिया था। लेकिन परिजनों को पता लगने से विनीता और प्रियंक शादी नहीं कर सके थे। दो महीने पहले भी विनीता ने प्रियंक के साथ भागने की योजना बनाई थी और तभी यह लेटर लिखा था। लेकिन तब घर में भाई की शादी होने से विनीता को घर से जाने का मौका नहीं मिला। दो महीने में परिजनों ने विनीता की समझाईश की, तो विनीता का प्रियंक से शादी करने का मन बदल गया और वह क्षितिज से शादी करने को तैयार हो गयी। क्षितिज और विनीता की शादी तय होने पर प्रियंक ने सुसाइड करने की धमकी दी और और विनीता को शादी नहीं करने के लिए मजबूर भी किया था।

पुलिस ने बताया कि लेटर की हार्ड कॉपी अभी बरामद नहीं हुई है। विनीता के दो महीने पहले लिखे लेटर की कॉपी प्रियंक के दोस्त के पास थी। उसी दोस्त ने यह कॉपी सोशल मीडिया में वायरल की है।

प्रियंक सहित उसके दोस्त हुए गिरफ्तार

एडिएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि दुल्हन के प्रेमी सूर्यानगर, तीतरड़ी निवासी प्रियंक जीनगर पुत्र भागचंद, इसके दोस्त धोल की पाटी सवीना निवासी पुनीत नागदा पुत्र प्यारेलाल , सेक्टर 9 सवीना निवासी हरीश पटेल पुत्र प्रेमजी पटेल, राशमी चित्तौड़गढ़ निवासी विजय सिंह पुत्र राम सिंह राजपूत और राशमी चित्तौड़गढ़ निवासी उदय सिंह चौहान पुत्र शिव सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया है। प्रियंक के साथ अपहरण की पूरी साजिश में पुनीत और उदयसिंह की मुख्य भूमिका रही है। उदय सिंह ही दोस्त से कार लेकर आया था, जिससे दुल्हन का अपहरण किया था। उदयपुर से दुल्हन को ले जाने के बाद चित्तौड़गढ़ में दूसरी कार ली और वहां से भीलवाड़ा पहुंचे। भीलवाड़ा में प्रियंक दुल्हन विनीता को साथ निजी ट्रेवल्स बस की टिकट लेकर सवार हुआ। यह बस भीलवाड़ा से जयपुर के लिए रवाना हुई, तब ही पुलिस को इन दोनों के इस बस में होने की सूचना मिल गयी थी। इस पर पुलिस बस के ड्राइवर और कंडक्टर से संपर्क कर हिदायत दी कि बस कहीं भी न रोकें और सीधे जयपुर बस स्टैंड सिंधी कैंप लेकर आएं। जैसे ही रात करीब 3 बजे बस सिंधी कैंप पहुंची, वहां मौजूद पुलिस ने प्रियंक और विनीता को पकड़ लिया।

सवाल जिसके नहीं जवाब ?

: दुल्हन का अपहरण जबरन हुआ था, तो उसने निजी ट्रेवल्स में बैठने के बाद प्रियंक का विरोध क्यों नहीं किया। निजी ट्रेवल्स सवारियों से भरी थी, तो उसने किसी से भी मदद क्यों नहीं मांगी ?

: मान लिया जाए की यह लेटर विनीता ने दो महीने पहले लिखा था, मतलब दो महीने पहले तक वह प्रियंक के साथ जाने की प्लानिंग बना रही थी। विनीता और प्रियंक के बारे में क्षितिज सबकुछ जानता था, तो क्षितिज ने विनीता से शादी करने के लिए हां क्यों की ? जबकि दो साल पहले भी जब क्षितिज और विनीता की सगाई हुई थी, तब सगाई प्रियंक के कारण ही टूट गयी थी।

:  जहां अपहरण की घटना हुई, वहां दुल्हा-दुल्हन की कार देवरे पर जाने के लिए रूकी थी, वहां कार रूकेगी यह अपहरणकर्ताओं को कैसे पता चला, यह बात तो दुल्हा-दुल्हन और उसके परिवार को ही पता थी ?

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