उदयपुर,(ARLive news)। अमृत के समान एवं औषधीय गुणों से युक्त बकरी के दूध का लाभ उदयपुरवासियों को सोमवार से मिल सकेगा। राज्य स्तर पर इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ सोमवार 8 अप्रेल को झाड़ोल के बाघपुरा क्षेत्र से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमर चैधरी के मुख्य आतिथ्य में होगा।
सयुंक्त निदेशक डाॅ ललित जोशी ने बताया कि जिला कलक्टर आनन्दी के मार्गदर्शन में पशुपालन विभाग, सरस डेयरी व राजीविका द्वारा पायॅलट प्रोजक्ट के तहत जिलें के बकरी पालकों से बकरी दूध का संग्रहण कर पाश्च्युरीकृत दूध व दूध उत्पाद उदयपुर वासियों को सरस के बूथ के माध्यम से वाजिब दरों पर उपलब्ध कराये जायेगें। प्रारम्भ में 200 एमएल की बाॅटल पेकिंग में फ्लैवर्ड दूध सरस बुथों के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।
इस योजना का उद्देश्य जहां बकरी पालकों को बकरी दूध का सही मुल्य दिलाना है। वहीं औषधीय गुणों से भरपुर बकरी दूध को पहचान दिलाना है। बकरी दूध बच्चों में सुपाच्य व एंटीएलर्जिक है वही औषधीय गुणों से भरपुर होने से डेंगु जैसी बीमारी में अत्यन्त फायदेमंद है। बकरी के दूध में प्रोटीन, कैल्सियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन ए,बी,सी और डी की मात्रा गाय-भैंस के दूध से ज्यादा होती है। मैग्निशियम व मिडियम फैटी एसिड अधिकता से हृदय स्वस्थ रहता है एवं कालेस्ट्रोल को कम करता है। प्लेटलेट काउण्ट में तेजी से बढोतरी करता है। सुपाच्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाला, एन्टी एलर्जिक व शरीर में सूजन कम करने का गुण प्रचुर मात्रा में होता है। लेक्टोज की मात्रा कम होने से लेक्टोज सेंसेटिव मनुष्यों के लिए अत्यन्त उपयोगी है।

