फिलहाल ईपीएफओ एक निर्धारित सीमा में ही कर्मचारियों को पेंशन देता है। ईपीएफओ ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। ईपीएफओ अधिकतम 15000 हजार रुपए तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन देता था। अब पेंशन की गणना (कर्मचारी द्वारा की गई नौकरी में बिताए गए कुल वर्ष+2)/70 & अंतिम सैलरी के आधार पर होगी। इसका मतलब है कि यदि किसी कर्मचारी का वेतन 50 हजार रुपए प्रति माह है, तो उसे अब करीब 25 हजार रुपए पेंशन के रूप में मिलेंगे। पुराने नियम से यह करीब 5000 रुपए ही होती थी।
वर्ष 2014 में ईपीएफओ द्वारा किए गए संशोधन के बाद निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की पेंशन की गणना 6400 के स्थान पर 15000 के आधार पर करने को मंजूरी दी गई थी। हालांकि इसमें भी पेंच था, जिसके हिसाब से पेंशन की गणना कर्मचारी की पिछले पांच साल की औसत सैलरी के आधार पर होगी। इससे पहले यह गणना रिटायरमेंट से पहले के एक साल के आधार पर की जाती थी। इसके बाद यह मामला केरल हाईकोर्ट में पहुंचा।
सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी
