आप ने शिकायत में आयोग से यह पूछा है कि इस चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों पर किसकी निगरानी होगी और क्या भाजपा ने चैनल पर प्रसारित कार्यक्रमों और प्रसारण लागत को प्रमाणित कराने के लिये आयोग की मीडिया प्रमाणन समिति से संपर्क किया है ? अगर ऐसा नहीं किया गया है तो चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में आयोग ने भाजपा से इसका कारण पूछा या नहीं ?
पार्टी ने चैनल का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संक्षिप्त नाम ‘नमो’ पर रखे जाने का हवाला देते हुये कहा है कि अगर आयोग की अनुमति के बिना नमो चैनल शुरु किया गया है, तो इस पर आयोग ने क्या कार्रवाई की है। बता दें कि आप के विधि प्रकोष्ठ की ओर से सोमवार को आयोग के समक्ष की गयी शिकायत में पूछा गया है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद क्या किसी राजनीतिक दल को उसका अपना टीवी चैनल शुरु करने की अनुमति दी जा सकती है ?
जिनकी टीआरपी ज्यादा उन चैनल्स के बीच में आ रहा है नमो टीवी
हिंदी एंटरटेनमेंट चैनल : स्टार प्लस और जी टीवी पर आने वाले डेली सीरियल्स की टीआरपी काफी अच्छी होती है, तो नमो टीवी को इन दोनों चैनल्स के बीच 102 नंबर पर जगह मिली है। ताकि लोग जब डेली सीरियल्स के लिए इन चैनल्स पर आए तो न चाहते हुए भी नमो टीवी को देखें, खासबात है कि ट्राई के नियम के बाद जहां कई चैनल्स पर शुल्क लगा दिया गया है, वहीं यह पूरी तरह निशुल्क है।
मूवी चैनल्स : इस श्रेणी में नमो टीवी सोनी मैक्स और जी सिनेमा के बीच 202 नंबर पर दिखाया जा रहा है। खासबात है कि यह दो चैनल्स हैं, जिस पर लोग फिल्मे काफी ज्यादा देखते हैं।
न्यूज चैनल्स : नमो टीवी न्यूज चैनल श्रेणी में भी देखा जा रहा हैं इसमें यह जी और आजतक के बीच 302 नंबर पर देखा जा सकता है। आजतक न्यूज चैनल की देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकल मीडिया में से एक माना जाता है। इसलिए नमो टीवी को इससे ठीक पहले रखा गया है। ताकि लोग न्यूज चैनल तलाशते हुए इस तक जरूर आएं।
” नमो टीवी का मामला ध्यान में आया है। इसे हम चेक कराते हैं कि यह आचार संहिता के उल्लंघन में आता है या नही। चेक करने के बाद ही आगे की कार्यवाही हो सकेगी। : आनंद कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान
