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लोकसभा चुनाव : गोगुंदा में हुई सीएम की सभा में भाजपा की तारीफ कर गए पायलट

उदयपुर,(ARLive news)। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मेवाड़ के गोगुंदा में हुई चुनावी रैली में पायलट बात करते करते भाजपा की तारीफ ही कर गए। पायलट ने कहा कि लोग कहते हैं कि भाजपा का बूथ प्रबंधन मजबूत है। हालां कि अपनी अगली लाइन में उन्होंने केन्द्रीय सरकार की खामियां गिनाई।

गोगुंदा में सचिन पायलट ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लोग कहते हैं कि भाजपा का बूथ प्रबंधन अच्छा है, लेकिन जब जनता की हवा चलती है, लोग परेशान और पीड़ित होते हैं। (इस लाइन के जरिए पायलट ने कहने का प्रयास किया कि भले ही बूथ मैनेजमेंट अच्छा हो, लेकिन जब जनता पीड़ित होती है और जनता की हवा चलती है तो सरकार बदल जाती हैं।) पायलट ने कहा भाजपा भगवान, राम, मंदिर, मस्जिद, मजहब, भाषा के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गरीब, बेरोजगारी, आदिवासी, महिला, खाद, बीज, बिजली जैसे जनता से संबंधित मुद्दों पर बात कर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि इन पर भाजपा के नेता तो बात ही नहीं करना चाहते। इन्होंने पिछले पांच सालों में देश को सिर्फ आतंकित किया है।

सरकार बदलना लोकतंत्र की परंपरा है : मुख्यमंत्री गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बदलना लोकतंत्र की परंपरा है। अपनी इस बात से गहलोत ने अगले पांच साल केन्द्र सरकार में कांग्रेस को लाने की अप्रत्यक्ष रूप से अपील कर डाली। हालां कि अपनी विधानसभा जीत को परंपरा नहीं बताने के लिए गहलोत ने वसुंधरा राजे सरकार की खामियां भी गिनाई।

गहलोत ने कहा सरकार बदलना लोकतंत्र की परंपरा है, लेकिन पिछले पांच सालों में राज्य में रही वसुंधरा राजे की निकम्मी सरकार रही हैं। गहलोत ने इस विधानसभा चुनाव में गोगुंदा सीट से खुद के प्रत्याशी मांगीलाल की हार का अफसोस जताया और कहा कि फिर भी हमारे लिए मांगीलाल आपके प्रतिनिधि रहेंगे। ये हमें गोगुंदा के विकास के मुद्दे बताएंगे और हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि हम गोगुंदा और उदयपुर में विकास के लिए काम करेंगे। गहलोत ने मोदी सरकार की विभिन्न घोषणाओं की असफलता बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को धोखा दिया है।

गहलोत ने अपने संबोधन में इंदिरा गांधी को याद किया और कहा कि उन्होंने जान दे दी, लेकिन खालिस्तान नहीं बनने दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद पर भी काबू नहीं कर पाए।

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