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रतलाम एसआई ने नाकाबंदी तोड़ गोगुंदा पुलिस पर फायरिंग की : कांस्टेबल को गोली लगी

उदयपुर पुलिस का दावा रतलाम एसआई की गाड़ी से बरामद कुछ नहीं हुआ।
सवाल : एसआई ने पुलिस पर फायरिंग क्यों की ? 

उदयपुर,(ARLive news)। गोगुंदा हाईवे पर शुक्रवार रात पुलिस नाकाबंदी के दौरान एक निजी गाड़ी में सवार मध्यप्रदेश रतलाम के पुलिस सब इंस्पेक्टर ने पीछा कर रही गोगुंदा पुलिस पर फायरिंग कर दी। गोली गोगुंदा थाने के कांस्टेबल हसंराज मीणा के लगी है और वे घायल हैं। बाद में उदयपुर जिला पुलिस ने चारों तरफ से घेर कर एसआई वीरेन्द्र सिंह और उसके साथ मौजूद अन्य व्यक्ति दीपक अग्रवाल को पकड़ लिया और वीरेन्द्र सिंह से उसकी सर्विस रिवॉल्वर बरामद की।

” संदेह है कि क्या उक्त सब इंस्पेक्टर मादक पदार्थों की तस्करी में तो लिप्त नहीं था ? और क्या उसकी गाड़ी में कोई मादक पदार्थ तो नहीं था, जिसके कारण ही वह पुलिस नाकाबंदी देखकर भागा ? हालां कि उदयपुर पुलिस का कहना है कि एसआई की निजी गाड़ी से कुछ बरामद नहीं हुआ है। घटना की सूचना पर एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई मौके पर पहुंचे और एसआई से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर एसआई के तस्करी में लिप्तता तो सामने आई नहीं है, घटनाक्रम गलतफहमी में हुआ है। ” 

उदयपुर पुलिस ने बताया यह घटनाक्रम

पुलिस ने बताया कि रात को जिले में मादक पदार्थों की धरपकड़ को लेकर नाकाबंदी चल रही थी। गोगुंदा हाईवे पर पुलिस की नाकाबंदी देखकर एक गाड़ी ने कुछ दूर पहले से यू-टर्न लिया, यह देखकर नाकाबंदी कर रही पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो संदिग्ध गाड़ी को उसके चालक ने भगाना शुरू कर दिया। इस पर नाकाबंदी कर रही पुलिस ने उस गाड़ी का पीछा किया। इस दौरान संदिग्ध गाड़ी के चालक ने पुलिस की गाड़ी को कई बार गफलत में डालने का प्रयास किया। पीछा करती हुई पुलिस की गाड़ी जैसे ही संदिग्ध गाड़ी के बिलकुल बराबर में पहुंची तो संदिग्ध गाड़ी में बैठे एक व्यक्ति ने पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग कर दी। गोली पुलिस गाड़ी के दरवाजे को चीरते हुए कांस्टेबल के पैर में लगी और वह गंभीर घायल हो गया। फायरिंग करने के बाद भी संदिग्ध गाड़ी का चालक गाड़ी भगाता रहा और पुलिस की गाड़ी ने संदिग्ध गाड़ी का पीछा करना जारी रखा, साथ ही वायरलैस पर सूचना दी। इस पर आगे से आगे नाकाबंदी में पुलिस ने संदिग्ध गाड़ी को चारों तरफ से घेर कर पकड़ लिया। संदिग्ध गाड़ी में बैठा व्यक्ति रतलाम के साइबर सेल में तैनात एसआई वीरेन्द्र सिंह निकला और उनके साथ निजी व्यक्ति का नाम दीपक अग्रवाल बताया जा रहा है।

एसआई ने जो कहानी बताई वह सच से दूर दिखती है

उदयपुर पुलिस ने बताया कि रतलाम से दो सब इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल एक बदमाष की तलाश में भीलवाड़ा जा रहे थे। बदमाश की लोकेशन के चलते रात को ये सभी उदयपुर रूक गए। रतलाम पुलिस की टीम ने उदयपुर के सूरजपोल थाने में आमद करवाई और थाना क्षेत्र में ही रूक गए। इस टीम का एक सब इंस्पेक्टर वीरेन्द्र सिंह, प्राइवेट पर्सस दीपक अग्रवाल के साथ किसी परिचित के मिलने का नाम लेकर पाली के लिए रवाना हुआ।

दीपक अग्रवाल के साथ निजी गाड़ी में वीरेन्द्र सिंह गोगुंदा हाईवे पर जा रहा था। उदयपुर पुलिस को एसआई वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि उसे नाकाबंदी नजर नहीं आयी थी, वह जीपीएस से रास्ते की लोकेषन देख रहा था और उसे लगा कि वह गलत मार्ग पर आ गया है, तो उसने यू-टर्न लिया। इस पर उसका एक गाड़ी पीछा करने लगी, उसे लगा कि कोई बदमाश होगा तो उसने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। सुनने में एसआई की कहानी झूठी लग रही है, क्यों कि संदिग्ध निजी गाड़ी को पकड़ने के लिए गोगुंदा पुलिस ने पूरी स्पीड में अपनी सरकारी गाड़ी को 6 से 7 किलोमीटर दौड़ाया था। ऐसा संभव नहीं है कि उस संदिग्ध गाड़ी में बैठे रतलाम एसआई को पता न चला हो कि उसका पीछा पुलिस कर रही है या बदमाश।

कहानी में झोल-झाल

: गोगुंदा पुलिस ने वीरेन्द्र सिंह की निजी गाड़ी का पीछा सरकारी जीप से किया था, जिसमें सायरन भी बजता है और रोकने के लिए पुलिस माइक से बोलकर पुकारती भी है। ऐसे में रतलाम के पुलिस एसआई को यह कैसे पता नहीं चला होगा कि उसका पीछा पुलिस कर रही है। एसआई झूठ तो नहीं बोल रहा ?

: रतलाम एसआई वीरेन्द्र ने गोगुंदा पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग तब की जब वह बिलकुल उसके बराबर में आ गई थी, तब तो एसआई वीरेन्द्र को पुलिस जीप और उसमें बैठे वर्दीधारी पुलिस कर्मी दिखाई दिए ही होंगे, तो उसने फायरिंग क्यों की। एसआई झूठ तो नहीं बोल रहा ?

: एसआई वीरेन्द्र आखिर क्यों पुलिस के पकड़े जाने से डर रहा था, वह गाड़ी में ऐसा क्या छुपाए था, जो वह नहीं चाहता था कि उदयपुर पुलिस के हाथ लगे जबकि उसकी टीम उदयपुर सूरजपोल थाना क्षेत्र में ही ठहरी थी और वह ऑफिशियल ड्यूटी पर ही उदयपुर आया था।

: जिस गाड़ी में एसआई वीरेन्द्र सिंह था, उसके पीछे नंबर प्लेट भी नहीं लगी हुई है। वीरेन्द्र सिंह अपने किसी परिचित से मिलने पाली जा रहा था, तो ऐसी गाड़ी क्यों ली गौरतलब है कि ऐसी बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां अक्सर तस्करी में उपयोग होती है।

अधिकारी यह बता रहे हैं

” कांस्टेबल हंसराज मीणा के पैर में गोली लगी है, वे उपचार चल रहा है। एसआई वीरेन्द्र सिंह और उसके सहयोगी के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक पूछताछ में यही पता चला है कि घटना दुर्भाग्यवश हुई है। घटनाक्रम में रतलाम एसआई ने बताया है कि पहाड़ी, जंगल देखकर वह घबरा गया था, उसे लगा कि पीछा कोई बदमाश कर रहा है, तो उसने फायरिंग कर दी। पुलिस पर फायरिंग करने के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। : कैलाश चन्द्र विश्नोई, एसपी उदयपुर

” प्रारंभिक तौर पर एसआई के तस्करी में लिप्तता तो सामने आई नहीं है। एमपी पुलिस से बात की गई है, एसआई उसकी टीम के साथ उदयपुर ऑन ड्यूटी आया था।  : प्रफुल्ल कुमार, आईजी

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