संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में यह तय हो जाएगा कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाए या नहीं। भारत के इस प्रयास में अमेरिका खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो जाएगा।
भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले अभी अमेरिका में ही हैं और उन्होंने यूके विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि मसूद अजहर के मामले को लेकर भारत काफी सख्त रुख है। यही कारण है कि उसे ग्लोबल आतंकी घोषित कराए जाने की कोशिशें की जा रही है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत पाकिस्तानी समर्थित आतंकियों पर हमलावर है। इसी घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर दी थी।
सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी
