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प्याज की मुनाफाखोरी : किसान और आम आदमी के बीच 12 रूपए की दलाली

farmers oroduction of onionसीकर(ARLive news). किसानों का भाग्य कहें या आम आदमी की मजबूरी। किसान लागत मूल्य नहीं निकलने से खून के आंसू बहा रहा है वही दूसरी और किसान के प्याज को मुनाफाखोरी के कारण आम आदमी को करीब तीन गुना कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को महंगा प्याज मिलने की मुख्य वजह मुनाफाखोरी हैं।

मंडी से बाजार तक पहुंचने में ही प्याज महंगा हो जाता है। इससे शहरवासियों को ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहे हैं। सोमवार को प्याज मंडी में थोक में प्याज औसतन करीब 5 रुपए प्रतिकिलो बिका। लेकिन यही प्याज जब बाजार में पहुंचा तो भाव 20 रुपए प्रतिकिलो हो गए। इस कारण लोगों को 15 रुपए प्रति किलो के ज्यादा देने पड़ रहे है।

मुनाफाखोर एक किलो प्याज पर 15 रुपए का मुनाफा कमा रहे

थोक और खुदरा भावों में अंतर की वजह पूछी तो विक्रेताओं ने बताया कि मंडी टैक्स, पलदारी, परिवहन खर्च का हवाला दिया। जबकि हकीकत में मंडी से बाजार तक ले जाने में प्याज पर चार रुपए प्रतिकिलो तक खर्च आता है। मंडी में पिछले कई दिन से औसत भाव दो से पांच रुपए प्रति किलो के रहे थे। जबकि लोगो को यही प्याज बाजार में 15 से 20 रुपए किलो से खरीदने पड़े। जिस हिसाब से मुनाफाखोर एक किलो प्याज पर 15 रुपए का मुनाफा कमा रहे है।

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