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जिला प्रशासन का अजीबो-गरीब निर्णय : फतहसागर, सज्जनगढ़ पर नहीं ले सकेंगे सेल्फी

दुर्घटना संभावित पर्यटन स्थल होंगे नोन-सेल्फी जोन घोषित, जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में कई निर्णय पारित।

उदयपुर,(ARlive news)। पर्यटन स्थलों पर सेल्फी लेना फैशन और आदत बन गई है, लेकिन अब लेकसिटी में टूरिस्ट और उदयपुराइट्स ऐसा नहीं कर सकेंगे मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में ऐसा ही एक अजीबो-गरीब निर्णय लिया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि शहर के बड़ी, सज्जनगढ़, गणगौर घाट, मांजी का मंदिर, फतहसागर पाल आदि दुर्घटना संभावित पर्यटन स्थलों को “नोन-सेल्फी जोन” घोषित किया जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम और यूआईटी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले पर्यटन स्थलों पर नोन-सेल्फी जोन के साइनेज प्रदर्शित करेंगी। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय कुमार, मेयर चंद्रसिंह कोठारी, जिला परिवहन अधिकारी कल्पना शर्मा, निगम उपायुक्त भोज कुमार, एसीएफ एसएस देवड़ा, पर्यटन थानाधिकारी मनीष चारण, उदयपुर गाइड यूनियन अध्यक्ष रणविजय सिंह, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान वैष्णव व पूर्व अध्यक्ष मनीष गिलुंडिया सहित अन्य अधिकारी और पर्यटन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

बैठक में पुराने शहर में पर्यटकों व स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु यातायात प्रबंधन का मास्टर प्लान बनाने पर भी सहमति हुई। इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए होटल एसोसिएशन के सहयोग से नगर निगम द्वारा तैयार किया जाएगा। पर्यटक थाने की नफरी बढ़ाने, लपकों एवं पर्यटकों की अन्य समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी प्रयास पर विचार-विमर्श किया गया। पुराने शहर एवं पर्यटन स्थलों से आवारा पशुओं को हटाने संबंधी चर्चा भी की गई।

पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने पर्यटक सहायता बूथ के संचालन में एनसीसी केडेट्स के माध्यम से करवाए जाने की बात रखी। अगर सब ठीक रहा तो शीघ्र ही इस कार्य की क्रियान्विति की जाएगी। कठारगढ़ पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के बिंदु पर भी विचार विमर्श हुआ।

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