7 साल की उम्र में कैमरा पकड़ शुरू कर दी थी वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी।
निरामय की बेहतरीन 54 फोटोज के कलेक्शन की बागोर की हवेली स्थिति गैलरी में दो दिवसीय प्रदर्शनी लगी हुई है। निरामय की क्लिक की गई बर्ड्स, टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों की नेचुरल फोटोग्राफ देखकर देशी-विदेशी पर्यटक भी अचंभित रह गए। विदेशी पर्यटकों ने निरामय से बर्ड्स के नाम पूछे तो बड़े ही आत्म विश्वास के साथ निरामय ने न सिर्फ बर्ड्स के नाम बताए बल्कि उनकी पहचान भी बताई। निरामय की नॉलेज देखकर सभी सोच में पड़ गए कि इतनी कम उम्र में इस बच्चे को वाइल्ड लाइफ का इतना ज्ञान है।
निरामय के पिता आलोक उपाध्याय ने बताया कि दो दिन में 250 से अधिक देशी-विदेशी पर्यटकों, प्रकृति प्रेमियों ने प्रदर्शनी देखी है और निरामय की काफी सराहना भी की है। निरायम ने वन विभाग की ओर से हुई बर्ड वॉचिंग और बर्ड आईडेंटिफिकेशन की ट्रेनिंग भी कर चुका है।
निरामय की मां आरती उपाध्याय बताती हैं कि उनके बेटे निरामय को जब भी समय मिलता है या उनके स्कूल की छुट्टी होती है, तो वे अपने पिता के साथ वनक्षेत्रो और झील, तालाबों के आस-पास जाना, पक्षियों को घंटों तक देखना और उनकी फोटोग्राफी करना पसंद करते हैं।
पहाड़ कटते देख निरायम को आता है गुस्सा
निरामय ने बताया कि उन्हें प्रकृति से प्रेम है, वे अभी छठवीं कक्षा के छात्र हैं और बड़े होकर इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज में जाना चाहते हैं, ताकि वे अपने शौक का अपना प्रोफेशन बना सके और हमेशा प्रकृति के बीच रह सके, प्रकृति के लिए कुछ कर सकें। निरामय ने कहा जब पहाड़ों और पेड़ों को कटते देखता हूं, तो बहुत गुस्सा आता है, सोचता हूं कि मैं इसे रोक पाउं। फॉरेस्ट ऑफिसर बनकर मैं इसे जरूर रोकुंगा।
