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आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा अपराधियों से कोई सहानुभूति नहीं

राजस्थान (ARlive news)। यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेन्ट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को हाईकोर्ट ने गुरुवार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दी है। हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट को ऐसे अपराधियों से कोई सहानुभूति नहीं है।

आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आसाराम की पत्नी की रिपोर्ट पेश की। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आसाराम की पत्नी लक्ष्मी देवी स्वस्थ हैं। कोई गंभीर हालात नहीं है।

याचिका पर बहस के बाद खंडपीठ ने मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “ऐसे अपराधियों से कोर्ट को कोई सहानुभूति नहीं है।” पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस संगीत लोढा की खण्डपीठ ने आसाराम की अर्जी पर सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया था. आसाराम ने अपनी पत्नी से मुलाकात करने और उसकी सेवा करने के लिए अंतरिम जमानत अर्जी खण्डपीठ के समक्ष पेश की थी।

उल्लेखनीय है कि आसाराम पांच साल से भी ज्यादा समय से जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। गत वर्ष 25 अप्रैल को एससी-एसटी कोर्ट जज मधुसुदन शर्मा ने आसाराम को सजा सुनाते हुए जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई थी। उसके बाद से आसाराम जेल से बाहर आने की फिराक में है। इसके चलते आसाराम ने दो बार जिला पैरोल कमेटी के सामने पैरोल पेश की थी। एक बार हाईकोर्ट में भी पैरोल अर्जी पेश की थी। इसके अलावा हाईकोर्ट में आसाराम की सजा स्थगन याचिका पर भी सुनवाई लंबित है। सजा स्थगन याचिका पर अब 6 मार्च को सुनवाई होगी।

सोर्स: जीएनएस न्यूज एजेंसी

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