कटारिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता अट्ठारह अट्ठारह महीने तक जेल में रहा है, वह किसी धमकी से डरता नहीं है, हम जेल की चिंता न पहले करते थे और ना अब करते हैं, देखते हैं सरकार में कितना दम है और जेल की तनु में कितनी ताकत है। अगर सरकार ने निरंकुश नीति अपनाई और तानाशाही प्रवृत्ति से कार्यकर्ताओं पर जुल्म ढाया तो सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बिल्कुल तैयार मैदान में खड़ा है। उन्होंने गहलोत को कहा कि वास्तव में यदि दम है तो जो बोला है वह करके दिखा दे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कार्यकर्ता हार से निराश ना हो हमें हार को एक सबक के रूप में ग्रहण करना चाहिए एवं उसमें जो कमियां रह गई है, उनका पता करके उन कमियों को दूर करना चाहिए।
