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नारकोटिक्स अधिकारी एक लाख रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, घर से 2.26 करोड रूपए बरामद हुए

घर की तलाशी में मिले जयपुर में 82 भूखंडों, 25 दुकानों, 1.2हेक्टेयर कृषि भूमि, पेट्रोल पंप, मैरिज गार्डन और मुंबई में एक फ्लेट के दस्तावेज ।

जयपुर,(ARlive news)। एसीबी ने शनिवार को गणतंत्र दिवस के दिन रिश्वतखोरी के खेल का खुलासा कर कोटा नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त कमिश्नर सहीराम मीणा और अफीम काश्तकार के बेटे कमलेश धाकड़ को एक लाख रूपए रिश्वत की लेन-देन करते गिरफ्तार किया है। सही राम मीणा अपने कोटा स्थित सरकारी आवास पर ही रिश्वत ले रहा था।

एसीबी टीम ने सहीराम के सरकारी आवास की तलाशी में 4 लाख रूपए नकदी और जयपुर स्थित उसके घर की तलाशी में 2.26 करोड़ रूपए नकद, 6 लाख रूपए का सोना सहित जयपुर में 82 भूखंडों, 25 दुकानों, 1.2हेक्टेयर कृषि भूमि, पेट्रोल पंप, मैरिज गार्डन और मुंबई में एक फ्लेट के दस्तावेज बरामद किए हैं। नए साल की शुरूआत में अफीम के पट्टों से संबंधित इस कार्यवाही को एसीबी की बड़ी कार्यवाही माना जा रहा है।

एडि.एसपी चन्द्रशील ठाकुर ने बताया कि एसीबी ने पिछले कुछ समय से सहीराम मीणा और चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा तहसील के कनेरा गांव निवासी कमलेश धाकड़ को सर्विलांस पर लिया हुआ था। इसमें पता चला कि चित्तौड़गढ़ के जिला अफीम अधिकारी ने कमलेश के पिता और अफीम काश्तकार नंदलाल धाकड़ को अफीम की खेती के लिए पट्‌टे का मुखिया नहीं बनाकर किसी अन्य किसान को बनाया गया था। इसकी शिकायत कमलेश ने नारकोटिक्स ब्यूरो के अतिरिक्त कमिश्नर सहीराम मीणा को की थी। सहीराम ने शिकायत पर कार्रवाई करने और पट्‌टे के पूर्व मुखिया हटाकर कमलेश के पिता नंदलाल धाकड़ को मुखिया बनाने की एवज में पांच लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। धाकड़ और सहीराम की बातचीत में शनिवार को सरकारी बंगले पर रिश्वत की रकम देना तय हुआ।

इस पर शनिवार को एसीबी टीम डीजी के निर्देश पर सहीराम मीणा के कोटा स्थित सरकारी आवास के आस-पास पहुंच गई। जब कमलेश और सहीराम मीणा के बीच रूपयों का लेन-देन चल रहा था, तभी एसीबी टीम ने सहीराम मीणा के आवास पर छापा मारा और दोनों को रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया।

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