चोरी की गाड़ी नहीं बिके तो कटवाकर भंगार में ही बेच देते थे आरोपी।
एसपी कैलश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि वाहन चोरी के आरोप में सवीना निवासी राजेश पुत्र कन्हैयालाल, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी गोवर्धन विलास निवासी दीपक पुत्र ज्ञान चंद सिंधी, सेक्टर 14 निवासी दीपक उर्फ छोटा पुत्र हरीश सिंधी, झलारा निवासी दो भाई महेन्द्र और सुरेश दर्जी पुत्र नाथूलाल, अकलालिया सूलंबर निवासी धनराज पुत्र पेमा मीणा, घोडी खेरवाड़ा निवासी निर्मल उर्फ पप्पू पुत्र नानजी परमार, अमरपुरा टीडी निवासी फारूख उर्फ राजू पुत्र इकबाल खां को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, चोरी जैसे अपराध के मामले दर्ज हैं। इस कार्यवाही में भूपालपुरा एसआई रमेश चन्द्र, हेडकांस्टेबल सुखदेव सिंह, राजेश मेहता, कांस्टेबल योगेश कुमार, प्रहलाद, यशपाल, अनिल, सलीम और भारत की मुख्य भूमिका रही है।
एसएचओ हरेन्द्र सिंह सोढा ने बताया कि रात्री गश्त में आरोपियों को पकड़ने पर उनके बाइक के दस्तावेज मांगे तो नहीं मिले, मामला संदिग्ध लगने पर आरोपियों को डिटेन कर थाने पर पूछताछ की गई। आरोपियों ने चोरी की बाइक होना कबूला और पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर कुल 11 बाइक बरामद की।
औने-पौने दामों में या भंगार में बेच देते थे बाइक
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की बाइक को ग्रामीण क्षेत्रों में औने-पौने दाम में बेच देते थे। जब कोई ग्राहक नहीं मिलता तो उसके पार्ट्स निकालकर उसे कटवाकर भंगार में बेच देते थे और पार्ट्स अलग से बेच देते थे।
