मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मद्य संयम नीति के तहत अधिकारियों की बैठक लेकर दिए निर्देश।
बैठक में गहलोत ने कहा कि वर्ष 2008 में ‘मद्य संयम’ को प्रोत्साहित करने के लिए हमारी सरकार ने रात्रि 8 बजे बाद शराब की बिक्री पर रोक लगाई थी। जिसका कि आमजन में सकारात्मक संदेश गया था। गहलोत ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. गुरूशरण छाबड़ा के शराब के सेवन को हतोत्साहित करने के प्रयासों का हमने समर्थन किया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्व. छाबड़ा के साथ हुए समझौते की पालना सुनिश्चित की जाए।
शराब के अधिक सेवन से पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की योनजा बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक दुष्परिणामों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाए। उन्होंने शराब के अधिक सेवन से पीड़ित परिवारों के छोटे बच्चों तथा उनके आश्रितों के पुनर्वास, उन्हेें शिक्षा से जोड़ने आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विशेष योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
अंकित मूल्य से अधिक वसूलने पर करें कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि अंग्रेजी शराब पर अंकित मूल्य से अधिक वसूलने की शिकायतें मिली हैं। इस पर मुख्यमंत्री गहलोत ने निर्देश दिए कि विभाग विशेष दल गठित कर ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई करें, बैठक में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, शासन सचिव वित्त (राजस्व) डॉ. पृथ्वीराज, आबकारी आयुक्त सोमनाथ मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
