मोदी सरकार के मंत्री ने राजस्थान को बताया बेचारा राज्य, गहलोत ने तुरंत जवाब दिया राजस्थान बेचारा नहीं
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रेणुकाजी बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए नई दिल्ली में आज 6 राज्यों के बीच एमओयू को लेकर हुई बैठक।
नई दिल्ली,(ARlive news)। रेणुकाजी बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आज शुक्रवार को 6 राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिससे राजस्थान को भी एक बड़ी सौगात मिलेगी। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने बातों-बातों में राजस्थान को बेचारा राज्य कहा और बात पूरी की। बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने बड़ी ही चुतराई ये इसका जवाब दिया।
दरअसल नितिन गडकरी ने बातों बातों में पेयजल के मामले में राजस्थान को ‘बेचारा राज्य’ कहकर संबोधित किया था, तभी गहलोत ने गडकरी को मुस्कुराकर जवाब दिया और कहा कि राजस्थान बेचारा राज्य नहीं है।
बाद में नितिन गडकरी ने बेचारे शब्द के प्रयोग पर अफसोस जताया। अशोक गहलोत ने राजस्थान को शूरवीर राज्य बताया और कहा कि राजस्थान ‘बेचारा राज्य’ नहीं है, यह देश का सबसे बड़ा राज्य है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का ‘सिरमौर’ राज्य व ‘स्वाभिमानी’ राज्य है, वह बेचारा कैसे हो सकता है। MP के विभाजन के बाद राजस्थान भौगोलिक दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, हिमाचल प्रदेश सीएम जयराम ठाकुर, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर, राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल समेत डॉ. सत्यपाल सिंह शामिल हुए।