मोदी सरकार ने अपने साढ़े चार साल पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की तुलना हमेशा से यूपीए के दस साल के कामकाज से की जाती रही है।
विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 2014 में सरकार बनने के बाद से अब तक नरेंद्र मोदी ने विदेश दौरे पर 2,021 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यूपीए-2 के शासन के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विदेशी दौरे पर 1346 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून 2014 से अबतक विदेश दौरे के लिए इस्तेमाल होने वाले चार्टर्ड विमानों पर 429.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं जबकि हॉटलाइन पर 9.11 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अब तक प्रधानमंत्री 48 विदेश यात्राओं में 55 देशों का दौरा किया है। इनमें से कई देशों में प्रधानमंत्री मोदी ने एक से ज्यादा बार भी यात्राएं की हैं। विदेश दौरों की बात करें तो सबसे ज्यादा खर्च साल 2015-16 में किया गया है। राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक 2014-15 में विदेश यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों पर 93.76 करोड़ रुपए खर्च हुए, जबकि 2015-16 में इस पर 117.89 करोड़ रुपये खर्च किया गया। 2016-17 में यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमान पर 76.27 करोड़ रुपये जबकि 2017-18 में 99.32 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
4595 करोड़ के तो टीवी और अखबार में विज्ञापन दे दिए
यही नहीं सरकार ने सरकारी योजनाओं के प्रचार पर पिछले साढ़े चार साल में 5246 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सूचना-प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोकसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि सबसे ज्यादा 2313 करोड़ रुपए इलेक्ट्रानिक मीडिया पर खर्च किए गए हैं। प्रिंट मीडिया में विज्ञापन पर वहीं 2282 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
