तस्करी से संबंधित मुखबीरी को लेकर चल रहा विवाद हो सकता है अपहरण का कारण।
जांच अधिकारी एएसआई सबराम ने बताया कि समतानगर निवासी विश्व प्रताप सिंह चूंडावत का अभी कुछ सुराग नहीं लगा है। संभावित स्थानों पर टीमें दबिश दे रही हैं। मंगलवार सुबह विश्वप्रताप के भाई राजवीर सिंह चूंडावत की पत्नी खुशी ने सवीना थाने पर आकर जेठ के अपहरण की रिपोर्ट दी। उसने रिपोर्ट में बताया कि सोमवार रात 11 बजे उसके फोन पर जेठ विश्वप्रताप का फोन आया, फोन पर वे बहुत घबराए हुए थे। उन्होंने फोन पर बताया कि अदवास निवासी भंवर सिंह पुत्र लाल सिंह राजपूत और दो अन्य साथी समता नगर से ही कार में अपहरण कर मुझे ले गए थे, एक जगह बंधक बनाकर रखा है। यहां मेरे साथ मारपीट की है और 11 लाख रूपए मांग रहे हैं। धमकाया है कि 11 लाख रूपए आने के बाद ही छोड़ेंगे। जेठ के फोन आने के बाद खुषी ने यह बात अन्य परिजनों को बताई। परिजनों ने रातभर विश्वप्रताप को तलाशने का प्रयास किया। कोई सुराग नहीं लगा तो सुबह पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि अब तक हुई पूछताछ और प्राथमिक जांच में तस्करी की मुखबीरी करने से हुआ विवाद सामने आ रहा है। हालां कि स्पष्ट कारण विश्वप्रताप सिंह के मिल जाने के बाद ही पता चला सकेगा।
