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महिला की हत्या कर पैर काट चांदी का कड़ा लूट ले गए बदमाश

उदयपुर। शहर से सटे नाई थाना क्षेत्र उबेश्वर महादेव मंदिर के पास बड़ंगा गांव में खेत पर काम कर रही महिला की गला रेत हत्या कर पैर काट बदमाश चांदी का कड़ा लूट कर ले गए। महिला का पति खेत पर आया तो पत्नी को लहूलुहान और मृत देखा। पति ने मदद के लिए लोगों को बुलाया। ग्रामीण इकट्ठे हो गए, सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

एसएचओ भगवती लाल ने बताया कि बड़ंगा निवासी राजूड़ी (40) पत्नी देवाराम गमेती की हत्या कर बदमाश पैर में पहना चांदी का कड़ा लूट ले गए हैं। बदमाशों ने राजुड़ी की पहले गला रेत कर हत्या की और फिर कड़ा निकालने के लिए पैर काट दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही हैं, पुलिस टीमें आरोपियों की पड़ताल में लगी हैं।

15 मिनट के लिए गया था, इतने में बदमाशों ने मेरी पत्नी को मार दिया

राजुड़ी के पति देवाराम गमेती ने बताया कि वह पत्न के साथ खेत में हुई मक्का की दो दिन से कटाई कर रहा था। शुक्रवार शाम वह मक्का के फुले रखने घर गया था और पत्नी खेत पर अकेली थी। करीब 15-20 मिनट में वह खेत पर लौटा तो पत्नी की लाश पड़ी हुई थी और उसका बायां पैर कटा हुआ था और पैर में कड़ा नहीं था। इस दंपत्ति के तीन बेटियां और एक बेटा है।

पुलिस को संदेह

: बदमाश सिर्फ बायां पैर काटकर कड़ा लूट कर ले गए हैं। बदमाशों ने दाएं पैर का कड़ा नहीं निकाला और न ही गले में पहना सोने का लॉकेट लूटा। इसलिए पुलिस को संदेह पैदा हो रहा है।

: कटा हुआ पैर सिर के पास पड़ा हुआ मिला

पिछली इस प्रकार की हत्याओं से समानता, जिनमें आरोपी पकड़े गए

: 2015, 2016 और 2017 में साकरोदा, कलड़वास, डबोक, प्रतापनगर और भींडर में इसी प्रकार पहले महिला की गला घोंट कर या रेत कर हत्या की गई थीं इसके बाद पैर काट कड़े लूटे गए थे।

: इन सभी वारदातों में कटा हुआ पैर अलग-अलग जगह मिला था, साकरोदा में पैर कुएं में मिले थे, तो कलड़वास में पैर लाश से कुछ दूरी पर मिले थे। सभी वारदातों में पैर लाश से आस-पास मिले थे।

: गत दो वर्षों में हुई ऐसी वारदातों में कुछ ऐसी भी हैं, जिनमें बदमाश किसी के आने की आहट होने या हड़बड़ाहट में महिला के पहने हुए अन्य जेवर लूट कर नहीं ले गए।

इस गिरोह का आना महिलाओं के लिए खौफनाक, पुलिस की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

महिलाओं की हत्या कर पैर काटकर चांदी के कड़े लूट कर ले जाने वाले गिरोह की करीब एक डेढ़ वर्ष के अंतराल के बाद यह घटना हुई है। इस गिरोह का जिले में दोबारा सक्रिय होना न सिर्फ महिलाओं के लिए खौफनाक है, बल्कि चुनावी साल में यह पुलिस की भी मुश्किलें बढ़ा सकता है। ऐसी घटनाएं लोगों में खौफ और गुस्सा पैदा करती हैं।

इस प्रकार की ही एक घटना तीन वर्ष पूर्व भींडर थाना क्षेत्र में हुई थी तो वहां स्थिति बेकाबू हो गई थी, नाराज जनता ने पुलिस के वाहनों को आग लगा दी थी, कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। तब पुलिस ने बमुश्किल हालातों पर काबू पाया था और आरोपी को गिरफ्तार किया था।

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