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आरएसएस पथ संचलन : बढ़ी दाढ़ी के कारण ग्रामीण विधायक को पीछे जाना पड़ा

महापौर कम वजन वाला वाद्य बिगुल लेकर खड़े हुए।

उदयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजय दशमी पर शुक्रवार को हुए पथ संचलन में ग्रामीण विधायक को पीछे जाना पड़ा, तो महापौर कम वजन वाला विगुल लेकर चले।

पथ संचलन में संघ के नियमों का खास ध्यान रखा जाता है। पथ संचलन में यह नियम था कि सभी को क्लीन शेव रखनी है, लेकिन उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूलसिंह मीणा बड़ी दाढ़ी रखते हैं जो उनकी अब पहचान बन चुकी है। ऐसे में वे क्लीन शेव नहीं थे। पूर्व में वे अपने क्षेत्र के स्वयंसेवकों के साथ संचलन में आगे वाले दलों में शामिल थे, लेकिन जैसे ही संचलन के संचालक ने घोषणा की कि जिन्होंने आज दाढ़ी नहीं बनाई है, या किसी भी स्वयंसेवक के गणवेश में कोई भी कमी है, उन सभी को आखिरी वाहिनी में भेज दिया जाए। इसके बाद विधायक फूलसिंह मीणा को भी पीछे जाना पड़ा। कुल 81 दाढ़ी वाले स्वयंसेवकों को सबसे पीछे की वाहिनी में भेजा गया।

संघ के स्वयंसेवकों ने कहा कि संघ में कोई वीआईपी नहीं है। जिसे जो जिम्मेदारी दी जाती है वह निभानी होती है और जो नियम बनता है वह सभी पर लागू होता है। यह संघ की अनुशासित रीति-नीति का हिस्सा है। तभी तो संघ आज भी अपने अनुशासन के कारण समाज में मान पाता है।

इसी तरह, उदयपुर नगर निगम महापौर चंद्रसिंह कोठारी भी हमेशा घोषदल में आनक (ड्रम) बजाते हैं, इस बार उनकी कमर में तकलीफ होने के कारण वे घोषदल में शामिल तो हुए, लेकिन स्वयं ही पीछे की पंक्तियों में जाकर कम वजन वाला वाद्य बिगुल लेकर खड़े हुए। उन्होंने स्वयं ही कहा कि यह तो संघ की पद्धति है, स्वयंसेवक स्वतः ही अनुशासित होता है और नियमों के अनुकूल व्यवहार करता है।

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