: राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी है डॉक्टर।
: प्रार्थी से 2 हजार रुपये पहले ले चुका था डॉक्टर।
बांसवाड़ा एसीबी डीएसपी हेरंब जोशी ने बताया कि डॉ. पवन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। घाटोल निवासी रविशंकर निनामा की पत्नी गर्भवती थी। रवि शंकर पत्नी को रूटीन चेकअप के लिए सरकारी हॉस्पिटल ले गया। वहां डॉ. पवन शर्मा चेकअप करते थे। बाद में डॉ. पवन ने प्रार्थी को बताया कि पत्नी की नार्मल डिलीवर नहीं होगी, ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन करने के डॉ.पवन ने प्रार्थी से 5000 रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर पत्नी का उपचार नहीं करने और प्रसव का समय आने पर भी पत्नी को भर्ती नहीं करने का डर बताया।
प्रार्थी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, काफी निवेदन पर डॉ. पवन 3000 रुपये में मान गया और 1000 रुपये तो पहले ही ले लिए। बचे रुपये देने का डॉ. दबाव बनाने लगा तो परेशान होकर प्रार्थी ने एसीबी में शिकायत की। एसीबी ने जब सत्यापन किया तो उस समय भी डॉ. पवन ने प्रार्थी से 1000 रुपये और ले लिए। बचे 1000 रुपये देने के लिए भी डॉ. पवन प्रार्थी पर दबाव बना रहा था। तब मंगलवार को एसीबी टीम ने डॉक्टर पवन को 1000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हांथो गिरफ्तार कर लिया। कार्यवाही में एसीबी के दशरथ सिंह, राजकुमार सिंह राणावत, गणेश लाल, रतन सिंह, जितेंद्र सिंह टीम में शामिल रहे हैं।
जननी सुरक्षा के दावे हवा में
लोगों का कहना है कि ऐसे डॉक्टर्स के कारण ही सरकार की जननी सुरक्षा जैसी योजनाओं का फायदा महिलाओं तक नहीं पहुंच पाता है। जहां सरकार महिलाओं के उपचार में निशुल्क योजना चला रही है, वहीं ऐसे डॉक्टर हैं जिन्हें उन लोगों से भी पैसे लेने से शर्म नहीं आती, जो कर्ज लेकर पत्नी को अस्पताल तक लाने की हिम्मत करते हैं।
