सीबीआई ने दी तीन नए गवाहों की सूची।
बयान लेने वाले अनुसंधान अधिकारी के हो चुके हैं बयान, अब गवाह के होंगे।
सीबीआई चार्जशीट के अनुसार ही गवाह महेन्द्र सिंह झाला बयान देता है तो ट्रायल कोर्ट को भी बरी हो चुके तीनों आईपीएस की मुश्किलें बढ़ सकती है। क्यों कि हाईकोर्ट ने इनको बरी करने के आदेश में यह भी शामिल किया है कि ट्रायल के दौरान इनके खिलाफ कोई साक्ष्य और तथ्य आता है तो ट्रायल कोर्ट इनके खिलाफ संज्ञान ले सकती है।
23 अक्टूबर को होंगे इन तीन गवाहों के बयान
सीबीआई ने कोर्ट में महेन्द्र सिंह झाला, अहमदाबाद में हुए नवरंगपुरा फायरिंग मामले में तुलसी का सहअभियुक्त रमजानी और एटीएस में आरोपी एमएल परमार का रीडर रह चुके मोहब्बत सिंह के नाम की सूची दी है। कोर्ट ने इन्हें 23 अक्टूबर को बयानों की तारीख दी है।
इनसे संबंधित अनुसंधान अधिकारी के हो चुके हैं बयान
अमूमन किसी भी केस में गवाहों के बयान पहले और अनुसंधान अधिकारियों के बयान केस के अंतिम चरण में होते हैं। लेकिन इस एनकाउंटर केस में इसका बिलकुल उल्टा हो रहा है। सीबीआई ने जिन तीन गवाहों की सूची कोर्ट में पेश की है, उनके बयान लेने वाले अनुसंधान अधिकारी के बयान तक कोर्ट में पिछले दिनों हो चुके हैं।
होस्टाइल हो चुके चश्मदीद गवाह के बयान लेने वाले आईओ के हुए बयान
ट्रायल कोर्ट में आज अनुसंधान अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर भारतेंदु शर्मा के बयान हुए। भारतेंदु शर्मा वही अनुसंधान अधिकारी हैं, जिन्होंने केस के अहम चश्मदीद गवाह एटीएस में तत्कालीन एसपी राजकुमार पांडियन के ड्राइवर गुरूदयाल के बयान लिए थे।
सीबीआई चार्जशीट के अनुसार गुरूदयाल ने बयान दिए थे कि वह एटीएस टीम के साथ हैदराबाद गया था, वहां एसपी पांडियन पहले से मौजूद थे। वह और टीम उनसे मिली। दो दिन रूकने के बाद तीसरे दिन राजकुमार पांडियन के साथ एक क्वालिस और एक टाटा सूमो कार में पूरी टीम हैदराबाद से निकले। रास्ते में एक बस को रूकवाया और बस से उतारी गई एक महिला को तो हमारी गाड़ी में बैठाया था। अहमदाबाद पहुंचने के बाद सभी उतर गए और मुझे अधिकारियों ने गाड़ी एटीएस ऑफिस ले जाने के निर्देश दिए। मैं एटीएस ऑफिस आया। हालां कि गुरूदयाल के जब ट्रायल कोर्ट में बयान हुए तो वह होस्टाइल हो गया था।
