कोर्ट में विनय कुमार ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने अनुंसधान में तुलसी एनकाउंटर संबंधित सीआईडी की जांच रिपोर्ट व दस्तावेज सीआईडी डीआईजी पीएस जवेरिया से लिए थे। एनकाउंटर के समय बने पंचनामों के पंचों, जीआरपी कांस्टेबल, पालनपुर के तत्कालीन डीएसपी मयूर चावड़ा सहित 15-20 लोगों के बयान लिए थे। इनसे संबंधित कई दस्तावेज भी इकट्ठे किए थे। बाद में यह जांच मुझसे सीबीआई अधिकारी संदीप तामकड़े को दे दी गई थी, ऐसे में मैंने अनुसंधान की पूरी रिपोर्ट और समस्त दस्तावेज तामकड़े को सौंप दिए थे। बचाव पक्ष के वकील बिंद्रा के पूछने पर विनय कुमार ने बताया कि उन्होंने कुछ होटल, धर्मशाला स्टाफ के बयान भी लिए थे, कि तुलसी के फरार होने के बाद पुलिस ने होटल, धर्मशालाओं की चेकिंग की थी या नहीं। इनके बयान चार्जशीट का हिस्सा तो हैं, लेकिन इनके बयान कोर्ट में क्यों नहीं हुए, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, क्यों कि अनुसंधान सीबीआई के दूसरे अधिकारी को सौंप दिया गया था, तो मैंने समस्त जांच के दस्तावेज उनको सौंप दिए थे।
विनय कुमार ने वीएल सोलंकी के भी लिए थे बयान
गौरतलब है कि विनय कुमार ने सीआईडी के आईओ रहे वीएल सोलंकी के बयान भी लिए थे। वीएल सोलंकी के बयान कोर्ट में 5 अक्टूबर को होने है। पिछले दिनों आई पेशी पर सोलंकी कोर्ट नहीं पहुंचे थे और कोर्ट से निवेदन करते हुए कहा था कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। इसलिए विनय कुमार वापस बतौर गवाह कोर्ट में आएंगे या नहीं, यह वीएल सोलंकी के 5 अक्टूबर को होने वाले बयानों पर निर्भर करेगा।
