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नगर निगम सुपरवाइजर 5500 रुपये मासिक बंधी लेता हुआ गिरफ्तार

महिला सफाई कर्मी से महीने में हाजिरी लगाने की एवज में ले रहा था बंधी।
सुपरवाइजर के लिए कलेक्शन का काम करने वाला सफाई कर्मी भी गिरफ्तार।
मासिक बंधी लेता सुपरवाइजर और सफाई कर्मी गिरफ्तार।

उदयपुर स्मार्ट सिटी में स्वच्छता के नाम पर नगर निगम में चल रहे मासिक बंधी के बड़े रैकेट का सोमवार को एसीबी की एक कार्रवाई में खुलासा हुआ। एसीबी ने सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम के सुपरवाइजर मकबूल हुसैन और सफाई कर्मी मुश्ताक हुसैन को एक महिला सफाई कर्मी से 5500 रुपये की मासिक बंधी लेते गिरफ्तार किया है।

एसीबी डीएसपी राजीव जोशी ने बताया कि सुपरवाइजर मकबूल महिला कर्मी से मासिक बंधी इस बात की ले रहा था कि वह महीने भर काम करे या न करे उसकी हाजिरी लगती रहेगी। वह चाहे तो अपनी जगह किसी दूसरी महिला को भी चेहरे पर स्कार्फ़ बांधकर भेज सकती है। महिला सफाई कर्मी ने नियमित काम पर आना चाहा और बंधी नहीं देनी चाही, तो सुपरवाइजर ने उसे हाजिरी नहीं लगाकर वेतन कटौती करवाने के नाम से धमकाया था।

डीएसपी जोशी ने बताया कि घण्टाघर के पास सड़क किनारे सुबह 7.30 बजे नगर निगम सुपरवाइजर इंद्रा नगर बीड़ा, सिटी रेलवे स्टेशन के पास निवासी मकबूल हुसैन पुत्र कमाल अहमद और इसके लिए मासिक बंधी कलेक्शन का काम करने वाले सफाई कर्मी मल्लातलाई निवासी मुश्ताक हुसैन पुत्र मोहम्मद शरीफ को 5500 रुपये मासिक बंधी के नाम से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ नगर निगम की महिला सफाई कर्मी सिटी स्टेशन के पास रहने वाली शबनम पत्नी उस्मान ने मासिक बंधी मांगने की शिकायत की थी। यह कार्रवाई एसीबी निरीक्षक हनुवंत सिंह सोढा, रोशनलाल, हेड कांस्टेबल रमेश चंद्र, बिंदु, कांस्टेबल टीका राम, दानिश, मुनीर मोहम्मद, लाल सिंह की टीम ने की है।

बाकी सुपरवाइजर 8 हजार बंधी लेते है, मैं तो 5500 ही ले रहा हूं  : सुपरवाइजर

एसीबी को जब महिला सफाई कर्मी से बंधी मांगने की शिकायत मिली तो एसीबी ने इसका सत्यापन करवाया। सत्यापन में सुपरवाइजर महिला सफाई कर्मी से शुरुआत में तो 8 हजार रुपये मासिक बंधी मांग रहा था, लेकिन महिला कर्मी के काफी निवेदन के बाद कहा कि बाकी सब सुपरवाइजर तो 8-8 हजार रुपये हर सफाई कर्मी से लेते है। तुम मुझे 5500 दे देना। महिला ने बंधी और कम करने को कहा तो सुपरवाइजर ने जवाब दिया कि बाकि 8 हजार लेते हैं, मैं तो 5500 ही ले रहा हूं।

बंधी की 60 से 70 प्रतिशत जाता है समितियों के पास

एसीबी पूछताछ औऱ सूत्रों के अनुसार जानकारी में आया कि सुपरवाइजर जो भी बंधी इकट्ठी करते है, उसका 30 प्रतिशत हिस्सा ही उनके पास रहता है। बाकी 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा उन्हें नगर निगम की विभिन्न समितियों, पार्षदों और अन्य अधिकारियों तक पहुँचाना होता है।

गौरतलब है कि नगर निगम में 1800 सफाई कर्मी और इनके ऊपर 24 सुपरवाइजर हैं। हर सफाई कर्मी की मासिक बंधी 8000 रुपये माने तो हर महीने नगर निगम में सफाई कर्मियों से आने वाली मासिक बंधी के 1 करोड़ 44 लाख रुपये इकठ्ठे होते होंगे। इसके बदले इन सफाई कर्मियों को ड्यूटी पर खुद न आकर अपनी जगह किसी और को भेजने और ड्यूटी पर आए बगैर ही हाजिरी भर जाने की छूट मिलती है। प्रश्न ये है कि इन परिस्थितियों में उदयपुर कैसे क्लीन सिटी और स्मार्ट सिटी बन पाएगा।

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