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क्रांतिकारी जैन मुनि तरुण सागर का निधन, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित कई राजनेताओं ने दुख जताया

जैन मुनि तरुण सागर का लंबी बीमारी के बाद यहां शनिवार तड़के निधन हो गया । वह 51 वर्ष के थे । उनका जन्म मध्यप्रदेश के दमोह जिले में 26 जून 1967 को हुआ था । पिछले कई दिनों से बीमार थे, उन्होंने राधेपुरी मंदिर में तड़के करीब 3 बजे अंतिम सांस ली ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक व्यक्त करतेे हुए ट्वीट किया कि जैन मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज के देहावसान के बारे में सुनकर दुख हुआ । “कड़वे प्रवचन” के लिए मशहूर, उन्होंने समाज में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाया और युवाओं को अच्छे संस्कार देकर समाज को नयी दिशा प्रदान की। उनके सभी अनुयायियों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं ।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि जैन मुनि तरुण सागरजी के निधन की खबर सुन गहरा दुख हुआ..हम उन्हें हमेशा उनके प्रवचनों और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए याद करेंगे । उनके प्रवचन हमेशा लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। मेरी संवेदनाएं जैन समुदाय ओर उनके अनगिनत शिष्यों के साथ है।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वह प्रेरणा के श्रोत थे ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है ।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, मुझे उनके असामयिक निधन की खबर सुनकर दुख पहुंचा है। उनके प्रवचन और आदर्श हमेशा मानवता को प्रेरित करेंगे ।

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