Site iconSite icon AR Live News

मोदी के गढ़ में दिनेश एमएन, बंजारा, पांडियन को गिरफ्तार करने वाले आईपीएस राय ने दिया इस्तीफा

भाजपा सरकार और रजनीश राय के बीच सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस से ही शुरू हुई थी अनबन। 

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले के पहले अनुसंधान अधिकारी और तीन आईपीएस बंजारा, पांडियन और दिनेश एमएन को गिरफ्तार करने वाले तत्कालीन सीआईडी डीआईजी रजनीश राय ने सरकार को अपना इस्तीफा भेज दिया है। सरकार को इस्तीफा देने वाले आईपीएस अधिकारियों में राय ऐसे दूसरे आईपीएस हैं। इससे पहले गुजरात आईपीएस राहुल शर्मा भी सरकार को अपना त्यागपत्र दे चुके हैं।

भाजपा सरकार और रजनीश राय के बीच अनबन सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस से ही शुरू हुई थी। तत्कालीन भाजपा सरकार ने रजनीष राय को एसपी से पदोन्नति देकर सीआईडी का डीआईजी बनाया था और उसके दूसरे दिन ही सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस का अनुसंधान इनको सौंपा गया था। तब सरकार और गुजरात अधिकारियों को भरोसा था कि राॅय के अनुसंधान करने से उनको कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन सरकार और गुजरात अधिकारियों को यह सोचना सही साबित नहीं हुआ। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस का अनुसंधान करते हुए रजनीश राय ने वर्ष 2007 में एनकाउंटर में शामिल रहे गुजरात आईपीएस तत्कालीन एटीएस डीआईजी डीजी बंजारा, एसपी राजकुमार पांडियन और राजस्थान आईपीएस दिनेश एमएन को बयान देने अहमदाबाद बुलाया था और वहीं इन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

गुजरात पुलिस में ऐसी गिरफ्तारियां और धरपकड़ पहली बार ही हुई थी। रजनीश राय ने तो इस केस के अनुसंधान में इन तीनों अधिकारियों का नारको टेस्ट करवाने तक की एप्लीकेशन कोर्ट में लगाई थी। नारको टेस्ट तो नहीं हुआ,  लेकिन तब से तत्कालीन बीजेपी सरकार और आईपीएस रजनीश् राॅय में अनबन शुरू हो गई थी।

यही अनबन राय का हैदराबाद में हुए तबादला का कारण बनी। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जब देश के प्रधानमंत्री बने, इसके बाद गुजरात के इस आईपीएस को आंध्रप्रदेश के सीआरपीएपफ में लगाया गया।

पुलिस अधिकारियों और कई नेताओं की राहुल शर्मा ने बनाई थीं सीडियां

इस्तीफा देने वाले गुजरात के आईपीएस राहुल शर्मा पर भी कई आरोप लगाकर उनके खिलाफ विभागीय जांचे शुरू हुई थीं। इससे परेशान होकर गत महीनों में राहुल शर्मा ने भी अपना इस्तीफा दे दिया था। राहुल शर्मा गुजरात के वह आाईपीएस अधिकारी थे, जिन्होंने 2002 में गुजरात में हुए दंगों से संबंधित पुलिस अधिकारियों और कई नेताओं की सीडियां बनाई थीं।

Exit mobile version