पिछली पेशी पर तुलसी की माँ ने कोर्ट आने से कर दिया था इनकार।
केस में यह दूसरा मौका है, जब किसी गवाह ने पेशी पर आने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मांगी हो। इससे पहले तुलसी से सम्बंधित रहे उदयपुर के वकील सलीम खान ने लगातार दो-तीन पेशियों पर नहीं जाने के बाद गवाही देने आने के लिए खुद के लिए प्रोटेक्शन मांगी थी और खुद के लिए खतरा जताया था। गौरतलब है कि पिछली तारीख पर नर्मदा देवी ने कोर्ट में गवाही देने के लिए आने से इनकार कर दिया था।
पत्नी की डिलीवरी के चलते सितम्बर की तारीख मांगी
कुंदन ने सीबीआई के जरिये कोर्ट को मैसेज करवाया कि पत्नी की डिलीवरी के चलते नहीं आया और नर्मदा देवी बुजुर्ग हैं, तो वे उनके दोहिते कुंदन के साथ ही आएंगी। ऐसे में वे भी नहीं आईं। ऐसे में उन्हें अगले महीने की तारीख दी जाए, साथ ही आने के लिए उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कोर्ट ने अगली तारीख 3 सितंबर दी है।
इसलिए महत्वपूर्ण है इनके बयान
नर्मदा देवी और कुंदन दोनों के चार्जशीट में दिए बयानों में वे सभी तथ्य और बातें हैं, जो तुलसी ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रहते हुए उन्हें
बताई थी। तुलसी को जब पेशियों पर उज्जैन ले जाया गया था, तब उसकी मां उससे जेल मिलने आई थी और कुंदन उदयपुर आकर तुलसी से सेंट्रल जेल में मिला था। एेसे में दोनों के बयान ही महत्वपूर्ण हैं।
