8 वर्षीय बालिका की चिल्ला कर जान बचाई
सलूंबर थाना क्षेत्र के गिंगला मामला
उदयपुर के सलूम्बर थाना क्षेत्र के गिंगला गांव में गुरुवार को दरिंदे ने 10 वर्षीय बालिका को अपनी हवस का शिकार बनाया। खून से लथपथ बालिका बमुश्किल घर पहुँची तो मामले का खुलासा हुआ। बच्ची जंगल और खेतों में बकरियां चराने गयी थी।
दरिंदे ने इससे पहले एक 8 वर्षीय बालिका को भी पकड़ना चाहा था, लेकिन तभी उसकी दादी आ गयी, और दादी के चिल्लाने ने दरिंदा वहां से तो भाग गया लेकिन 500 मीटर दूर सुनसान में बालिका को देख उसे पकड़ लिया और मुंह दबा कर उसे जबरन बीड़े में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, मारपीट कर यातनाएं भी दी। दरिंदे के जाने के बाद
बालिका हिम्मत कर उठी और खून से लथपथ हालत में घर पहुँच कर दादी से लिपट कर रोई और पूरा घटनाक्रम बताया। स्वतंत्रता दिवस के चलते पिता भी घर थे। बच्ची की गम्भीर हालत देख उसे पास के डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर से सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा तो परिजन बच्ची को गिंगला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। जहां से पुलिस को सूचना दी गयी और बच्ची की गम्भीर हालात देख उसे उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल रैफर किया गया।
सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी नारायण सिंह राजपुरोहित, सराडा डीप्टी मोटाराम सलुमबर थाना अधिकारी शैलेंद्र सिंह। लसाडिया थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह सहित जावरमाइंस, सराडा और कुराबड की पुलिस मौके पर पहुंचकर नाकाबंदी कर संदिग्ध की तलाश में जुट गयी। गुरुवार सुबह डॉग स्वायड टीम भी मौके पर पहुंची
8 वर्षीय बालिका को दादी ने बचाया
घटना से पहले संदिग्ध आरोपी ने बकरी चरा रही 8 वर्षीय बालिका हवस का शिकार बनाना चाहा था। आरोपी ने बच्ची के सामने स्वयं के कपड़े उतार दिए ओर अश्लील हरकतें करने लगा। पास में बच्ची की दादी थी तो आरोपी को देखकर दादी ने चिल्लाया जिससे आरोपी वहां से तो भाग गया, लेकिन 500 मीटर दूर दूसरी बच्ची को हवस का शिकार बना लिया।
