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सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर: सीबीआई ने पेश की 24 गवाहों की सूची तो कोर्ट ने एसपी को तलब कर लिस्ट रीव्यू करने के दिए आदेश

आशीष पांडिया को नहीं पहचानने पर सीबीआई ने गवाह को होस्टाइल घोषित किया

सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में बुधवार को मुंबई की स्पेशल कोर्ट में सीबीआई ने अब तक पेशियों पर नहीं पहुंचे 24 गवाहों की नयी सूची पेश की। गवाहों की सूची देखने के बाद कोर्ट ने एक पत्रकार को गवाह बतौर बुलाने पर आपत्ति जताई और सीबीआई से इसकी एवीडेंस के बारे में पूछा। कोर्ट ने सीबीआई के एसपी को तलब कर लिस्ट का रीव्यू कर दोबारा नयी लिस्ट बनाने के आदेश दिए हैं।

इधर बुधवार को मोबाइल रिपेयरिंग दुकान मालिक नरेश मथूकिया और बीएसएनएल के नोडल आॅफिसर अशोक धनजी भाई के कोर्ट में बयान हुए। नरेश मथूकिया ने कोर्ट को बताया कि वे किसी पुलिस वाले या आशीष पांडिया को नहीं जानते हैं और न ही उसने कभी किसी पुलिस वाले को कोई सिम दी थी। वह न ही गेस्ट हाउस के बारे में जानता है। यह बयान होने के बाद सीबीआई ने नरेष मथूकिया को होस्टाइल घोषित कर दिया।

नरेश के यह बयान चार्जशीट में शामिल हैं

सीबीआई की चार्जशीट में शामिल नरेश मथूकिया के बयानों में यह लिखा था कि उस समय आशीष पांडिया जेतपुर थाने में सब इंस्पेक्टर थे। उन्हें सरकारी क्वार्टर नहीं मिला था तो वे गेस्टहाउस में ठहरे हुए थे। वे मेरी दुकान पर अक्सर आते थे। उन्होंने कहा था कि मुझे एक सिम चाहिए, लेकिन उनके पास आईडी नहीं हैै। इस पर मैंने उन्हें एक आईडिया की सिम दी थी।

सीबीआई ने जानबूझ कर छुपाई पांडिया के नंबर की जानकारी

कोर्ट में अगले बयान बीएसएनएल के नोडल आॅफिसर अशोक धनजी भाई के हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने उनसे 8 मोबाइल नंबरों की काॅल डिटेल और कस्टमर आईडेंटिफिकेषन फाॅर्म की जानकारी मांगी थी। एक-एक नंबर किरण सिंह, लिमाचिया कानजी भाई, डाॅ विपुल अग्रवाल, दो नंबर गुजरात सरकार के डिप्टी सैक्रेटरी एडमिनिस्टेशन के नाम से थे, इसके अलावा दो नंबर की काॅल डिटेल दी थी। इन दो नंबर के कंस्टमर का नाम नहीं आने पर क्राॅस क्वेष्चनिंग में आशीष पांडिया के वकील ने सूची में शामिल सातवें नंबर पर लिखे मोबाइल नंबर के कस्टमर का नाम पूछा तो उन्होंने बताया कि उस समय रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं था। हालां कि इस रिकाॅर्ड को प्राप्त करने के लिए सीबीआई ने कोई रिमाइंडर लेटर भेजा हो, यह मुझे याद नहीं है। तो इस पर वकील ने कोर्ट को बताया कि यह नंबर आशीष पांडिया का है, यह जानकारी सीबीआई ने जानबूझ कर छुपाई थी।

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