Site iconSite icon AR Live News

सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर :  रात में एक साथ गश्त कर रहे एसआई और कांस्टेबल के बयानों में आया विरोधाभास

सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में सोमवार को सीबीआई स्पेशल कोर्ट में तुलसी एनकाउंटर के समय अंबाजी थाने के कांस्टेबल ड्राइवर सामंत सिंह और एसआई रणछोड़ भाई के बयान हुए। 27-28 दिसंबर 2006 की जिस रात तुलसी एनकाउंटर हुआ, उस रात ये दोनों और एक अन्य कांस्टेबल हितेश परमार रात्री गश्त पर थे। लेकिन इन दोनों के बयानों में विरोधाभास रहा।
कोर्ट में कांस्टेबल सामंत सिंह ने बताया कि 27-28 दिसंबर 2006 की मध्यरात्री उसकी रात्री गश्त थी, वह पुलिस जीप का चालक था और साथ में एसआई रणछोड़ और कांस्टेबल हितेश साथ थे। कांस्टेबल ने बताया कि जिस रात वह क्षेत्र में गश्त कर रहा था, उसने अंबाजी कस्बे में एक पुलिस जीप निकलते हुए देखी थी। रातभर गश्त में उसने कहीं भी किसी अन्य पुलिस की पेट्रोलिंग या नाकेबंदी नहीं देखी थी और ना ही उसे इसकी कोई सूचना थी।
वहीं इसके विपरीत एसआई रणछोड़ भाई नई ने कोर्ट को बताया कि वे रात्री गश्त में थे, जीप चालक सामंत सिंह थे और साथ में एक कांस्टेबल हितेश भी था। उन्होंने रातभर क्षेत्र में गश्त की। रात को उन्होंने किसी अन्य पुलिस जीप को निकलते हुए नहीं देखा था, न ही क्षेत्र में नाकाबंदी देखी थी। सुबह पांच बजे खैरियत रिपोर्ट देकर वे घर लौट गए, तभी थाने से फोन आया और इंस्पेक्टर ने सिटी हाॅस्पिटल जाने को कहा। वहां पहुंचा तो पीआई पटेल ने बताया कि अनुसंधान में मदद चाहिए होगी, एक एनकाउंटर हुआ है। उनसे बातचीत में ही पता चला कि एनकाउंटर तुलसी राम का हुआ था।
इन दोनों के बयान के बाद सीबीआई ने तीसरे गवाह के बयान ड्राप करवा दिये। इससे तीसरे गवाह हितेश के बयान नहीं हुए।
Exit mobile version