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सूचना सहायक बोला एक घण्टे में 1.50 लाख ले आओ, 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

सूचना सहायक ने 3 लाख रजिस्ट्रार और 2 लाख सब-रजिस्ट्रार को देने की बात बताई।

उदयपुर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूराे ने बुधवार को उप पंजीयक द्वितीय कार्यालय के सूचना सहायक मनवाखेड़ा, सेक्टर 4 निवासी कपिल कोठारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते घर के पास से ही गिरफ्तार किया है। प्रॉपर्टी के डी-मर्जर के नाम पर कपिल कोठारी 5.50 लाख रुपये पहले ही ले चुका था और 1.50 लाख और देने का दबाब बना रहा था।

एसीबी अधिकारियों की पूछताछ में आरोपी कपिल कोठारी ने तीन लाख रुपए रजिस्ट्रार और दो लाख रुपए सब रजिस्ट्रार तक पहुंचाने बात कही है। ऐसे में एसीबी अब इनकी भूमिका की जांच भी करेगी।

एसीबी निरीक्षक हरीश चन्द्र सिंह और निरीक्षक मुकेश सोनी ने बताया कि सुखेर स्थित सुमेर मार्बल की अल्कापुरी में सावित्री बिल्ड स्टेट और पंचरत्नम में सूर्यगढ़ नाम से बीस-बीस हजार वर्ग फीट के भूखंड है। सुमेर मार्बल के जनरल मैनेजर नरेन्द्र जैन ने मार्च में प्रोपर्टी डी-मर्जर के लिए डीआईजी स्टाम्प के यहां आवेदन किया था। डीआईजी स्टाम्प ने फाइल सब रजिस्ट्रार द्वितीय के यहां भेज दी और जांच रिपोर्ट मांगी। सब रजिस्ट्रार ने जांच कर रिपोर्ट वापस डीआईजी स्टाम्प के यहां भेज दी थी। डीआईजी स्टाम्प ने फाइल निस्तारण के लिए आईजी स्टाम्प पंजीयन अजमेर में भेज दी थी। फाइल का अजमेर से निस्तारण करवाने और कोई बाधा न आए इसके नाम से हजारेश्वर कॉलोनी स्थित उप पंजीयक द्वितीय कार्यालय में लगे सूचना सहायक कपिल कोठारी ने नौ लाख रुपए की मांग की, सौदा सात लाख रुपए में तय हुआ। साढ़े पांच लाख रुपये कपिल पहले ही ले चुका था और बचे हुए 1.50 लाख देने का दबाव बना रहा था। प्रार्थी ने एसीबी में शिकायत की। टीम के सत्यापन में पुष्टि हुई। कपिल ने रुपये देने प्रार्थी को घर के पास ही बुला लिया। जहां एसीबी टीम ने सूचना सहायक कपिल को रिश्वत लेते धरदबोचा।

ट्रेप की कार्रवाई होती ही निरीक्षक हनुवंत सिंह के नेतृत्व में टीम सूचना सहायक कपिल के घर तलाशी के लिए पहुंची। आरोपी के पिता मीठालाल कोठारी का अगरबत्ती का व्यवसाय है। ट्रेप कार्यवाही में कांस्टेबल लाल सिंह, गजेंद्र गुर्जर, मुनीर, टीकाराम और पुष्कर शामिल रहे।

बकाया रुपये नहीं दिए तो फाइल अजमेर ही पड़ी रहेगी

प्रार्थी नरेन्द्र ने एसीबी को बताया कि वह बुधवार दिन में 3 बजे कपिल कोठारी से मिलने गया था, तो उसने कहा कि डेढ़ लाख रुपए बकाया है। मेरा यह हिसाब कर दो, तो ही मैं आगे की कार्यवाही करूंगा। कपिल ने प्रार्थी से कहा कि एक घंटे में बचे हुए रुपए लेकर आ जाओ, नहीं तो फाइल अजमेर में ही पड़ी रहेगी और आगे नहीं बढ़ेगी। शाम तक प्रार्थी ने 50 हजार रुपए की व्यवस्था की।

50 हजार के झगड़े में बता दिया साढ़े पांच लाख का पूरा हिसाब

एसीबी निरीक्षक मुकेश सोनी ने बताया कि प्रार्थी और कपिल कोठारी के बीच 50 हजार रुपए का कंफ्यूजन चल रहा था। प्रार्थी ने कहा मैंने 6 लाख रुपए दिए हैं और आरोपी कपिल साढ़े पांच लाख रुपए लेने की बात कर रहा था। दोनों के बीच फोन पर चल रही बातचीत के दौरान ही एसीबी सत्यापन कर रही थी। इस दौरान कपिल ने पूर्व में लिए 5.50 लाख रुपये कब-कब, और कहाँ लिए सब हिसाब बताकर  प्रार्थी को याद दिलाया तो सत्यापन में उसके साढ़े पांच लाख रुपए लेने की पुष्टि भी हो गई।

बड़ी पैनल्टी के नाम से डराया

प्रार्थी ने एसीबी को बताया कि कपिल कोठारी ने फाइल तैयार करवाते समय दोनों प्रोपर्टी के कुल 16 लाख रुपए स्टाम्प ड्यूटी की रसीद कटवाई थी। इसके बाद रिश्वत की मांग की और डराया कि ये पैसे नहीं दिए तो भारी पैनल्टियां देनी पड़ेंगी।

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