उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में बुधवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में चार गवाह मौके पर बने पंचनामा के गवाह जितेन्द्र मेहता, एडवोकेट दीपेश कुमार और इनक्वेश पंचनामा के गवाह जसपाल पुरोहित और जयंतिलाल जोशी के बयान हुए।
एडवोकेट दीपेश कुमार ने कहा कि 28 दिसंबर 2006 को तुलसी के एनकाउंटर के बाद मेरे सामने ही अंबाजी पुलिस, एफएसएल टीम ने मौके से देशी कट्टा, चले हुए खाली कार्ट्रेज, खून से सनी मिट्टी के नमूने लिए थे। मौके पर बने
पंचनामा से संबंधित दूसरे गवाह जितेन्द्र मेहता ने कोर्ट को बताया कि मैं मौके पर नहीं गया था। पुलिस ने मुझे थाने बुलाया था। अंबाजी थाने में मैंने पंचनामे पर साइन किए थे। तुलसी के शव के इनक्वेश पंचनामा के गवाह जसपाल पुरोहित और जयंतिलाल ने कोर्ट को बताया कि हमारे सामने यह रिपोर्ट नहीं बनी थी। हम दुकान पर बैठे थे। तब पुलिस हमारे पास आई थी और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए थे, यह जानकारी नहीं दी थी कि दस्तावेज किससे संबंधित है। एक बाद सीबीआई ने गांधीनगर बुलाया था। बस नाम-पते पूछे थे, इसके बाद हम लौट आए थे। सीबीआई ने जितेन्द्र मेहता, जसपाल और जयंतिलाल को होस्टाइल घोषित किया।
